
Who is Ajay Chaudhary in Fatehpur Shekhawati CI Constable murder case
सीकर/फतेहपुर. कोतवाल मुकेश काननूगो और कांस्टेबल रामप्रकाश की हत्या के बाद पुलिस आरोपियों के नजदीक पहुंच भी गई थी। लेकिन उनको गिरफ्तार कर पाती। इससे पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए। कुछ देर छानबीन करने के बाद पुलिस को भी वापस खाली हाथ लौटना पड़ा।
ऐसे में पुलिस ने शेखावाटी में पहली बार किसी अपराधी को पकडऩे के लिए इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा दी। इधर, घटना के इतने दिन बाद भी गांव-गांव ढाणी-ढाणी में आरोपियों की तलाश के बाद पुलिस का मानना है कि अपराधी शातिर किस्म के हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि पुलिस के डर से उन्होंने क्षेत्र छोड़ दिया है।
लगातार 48 घंटे तक इंटरनेट सेवा बंद रहने के बाद भी पुलिस आरोपितों को पकडऩे में सफलता हासिल नहीं कर सकी। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इससे पहले भी पिछले दो साल के दौरान शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा अफवाह नहीं फैलने के कारण इंटरनेट सेवा पर 13 बार रोक लगाई जा चुकी है। लेकिन, अपराधियों पर अंकुश के लिए सेवा बंद करने का निर्णय पहली बार देखने को मिला है। पुलिस के अधिकारी निर्णय जयपुर स्तर से जारी होने का हवाला दे रहे हैं।
इंटरनेट सेवा से हुआ नुकसान
शेखावाटी में इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण व्यापारियों के साथ विद्यार्थियों को काफी नुकसान हुआ। व्यापारियों ने बताया कि सीजन के समय इंटरनेट बंद होने के कारण दो दिन तक कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा है। वहीं व्यापारियों को मॉक टेस्ट देने में परेशानी हुई।
फतेहपुर से दूसरी बार शुरूआत
पुलिस पर फायरिंग से पहले अभी हाल ही में फतेहपुर में कावडिय़ों के साथ मारपीट की घटना के बाद हुए बवाल पर इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया था। इससे पहले चूरू जिले में गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद नेट की सेवा पर शेखावाटी में रोक लगा दी गई थी। उससे पहले सीकर शहर में कल्याणजी मंदिर के पास युवकों के आपसी विवाद के बाद बिगड़े हालातों पर काबू पाने के लिए सेवा को कई दिन प्रभावित रखा गया था।
आरोपी पांच दिन के पुलिस रिमांड पर
पुलिस पर फायरिंग के बाद मोहल्ला नायकान में गोली चलाने के आरोपी दिनेश उर्फ लारा व कैलाश उर्फ नागौरी को कोर्ट में पेश किया गया। यहां मजिस्ट्रेट के आदेश पर दोनों आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। ताकि अपराधियों से परिवादी मुख्तियार के घर पर गोलियां चलाने के बारे में पूछताछ की जा सके। इसके अलावा इससे पहले कोतवाल व कांस्टेबल पर गोली दागने वालों के बारे में पूछताछ कर घटना में शािमल बाकी आरोपियों का सुराग लगाए जा सके।
पुलिस आरोपियों के नजदीक थी
कड़ी खोजबीन के बाद पुलिस आरोपियों के नजदीक थी। लेकिन, भनक लग जाने के बाद उन्होंने जगह बदल ली। किसी विशेष प्रयोजन के कारण इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगाई थी। जिसे बहाल कर दिया गया है।
प्रदीप मोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सीकर
Published on:
12 Oct 2018 10:59 am
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