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12 दिन में ही मां-बेटी के बाद पिता की मौत, मोहल्ले में पसरा मातम

राजस्थान के सीकर शहर के मोहल्ला बियासयतियान में छह अगस्त को गैस सिलेंडर में आग से झुलसे मां व बेटी के बाद आखिरकार पिता भी जिंदगी की जंग हार गया।

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सीकर

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Sachin Mathur

Aug 19, 2021

12 दिन में ही मां-बेटी के बाद पिता की मौत, मोहल्ले में पसरा मातम

12 दिन में ही मां-बेटी के बाद पिता की मौत, मोहल्ले में पसरा मातम

सीकर. राजस्थान के सीकर शहर के मोहल्ला बियासयतियान में छह अगस्त को गैस सिलेंडर में आग से झुलसे मां व बेटी के बाद आखिरकार पिता भी जिंदगी की जंग हार गया। 12 दिन में ही तीन मौत से परिवार सहित पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल छा गया। मौत के बाद जयपुर से शव आने के बाद गुरुवार रात को ही शव सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। गौरतलब है गैस सिलेंडर में आग लगने से हुए हादसे में मदिना (50) की पहले ही दिन उपचार के दौरान मौत हो गई थी। जिसके बाद बेटी सबीना ने भी गुरुवार को दम तोड़ दिया था। परिवार दो मौतों के सदमे से उबर भी नहीं पाया कि गुरुवार को फिर जमील की मौत का समाचार आ गया।


मुआवजे की मांग
परिवार में तीन मौत के बाद परिजनों व मोहल्लेवासियों ने मुआवजे की मांग की है। कॉलोनी के अबरार का कहना है कि प्रशासन इस मामले में मूक दर्शक बना हुआ है। तीन मौतों के बाद भी इस परिवार को कोई सरकारी राहत नहीं दी गई है। सबीना की मौत होने पर समाज के लोगों ने जिला कलक्टर से मुलाकात कर इस परिवार को सरकारी राहत देने का आग्रह किया था। लेकिन अभी तक प्रशासन और गैस एजेंसी की तरफ से कोई सहायता उपलब्ध नहीं करवाई गई है।


खाना बनाते समय लगी थ्ीा आग
मोहल्ला बिसायतियान में छह अगस्त की शाम को मोहम्मद जमील (55 ) अपनी पत्नी मदीना (50) व बेटी सबीना (22) के साथ रसोई में था। इसी दौरान खाना बनाते समय नोजल से गैस लीक होने पर सिलेंडर ने आग पकड़ ली। जिसकी चपेट में आने से रसोई में मौजूद तीनों जने झुलस गए। विस्फोट व चीख की आवाज सुनकर नजदीकी लोग मौके पर पहुंचे और आग को काबू में करने की कोशिश की। जो कड़ी मशक्कत के बाद काबू में आई। इसी बीच सूचना पर एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। जिसकी मदद से तीनों को एसके अस्पताल ले जाया गया। जहां हालत गंभीर जान चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को जयपुर रैफर कर दिया।घटना के दौरान घर में पांच सदस्य थे। जमील का बेटा युसुफ व बहु भी घर पर ही थे। जो गनीमत से बाहर कमरे में होने की वजह से हादसे का शिकार होने से बच गए।