
नीमकाथाना। प्रदेश में घटते जंगल और बढ़ते कॉंक्रीट के जंगल के बीच जंगली जानवरों का जंगल छोड़ आबादी क्षेत्र में आना नहीं रूक रहा तो वहीं पैंथरों की लगातार हो रही मौतों ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव बालेश्वर के जंगल में काकड़ का तिबारा के पास एक मृत मादा पैंथर मिला। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मादा पैंथर की मौत आपसी संघर्ष के कारण हुई है।
सोमवार को रेंज नीमकाथाना में मृत पैंथर का पोस्टमार्टम कर उपखंड अधिकारी साधुराम जाट, सीकर डीएफओ विजय शंकर पाण्डेय व रेंजर देवेंद्रसिंह राठौड़ की मौजूदगी में पैंथर का अंतिम संस्कार किया गया। गौरतलब है कि नीमकाथाना वन क्षेत्र में सबसे ज्यादा पैंथर गणेश्वर व टपकेश्वर के पहाड़ों में दिखाई देते हैं। शिकार नहीं मिलने के कारण पैंथर आबादी क्षेत्र में घुसने की कोशिश करते हैं। डीएफओ विजय शंकर पांडेय ने बताया कि इस साल एक ही पैंथर की मौत हुई है। मेडिकल बोर्ड बनाकर वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया गया है। मौत के कारणों का अभी तक पता नही चल पाया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही कारणों का पता चलेगा। हालांकि प्रारंभिक तौर पर आपसी संघर्ष का मामला सामने आ रहा है।
वहीं इधर... जयपुर अरण्य भवन में टाइगर फाउंडेशन की बैठक हुई। इस बैठक में वनमंत्री सुखराम विश्नोई ने 31 दिसंबर से पूर्व ईडीसी गाईडों की भर्ती व ईको डवलपमेंट कमेटियों के चुनाव कराने सहित कई निर्देश दिए। वहीं रणथंभौर नेशनल पार्क में बोर्ड पर लिखे सीमेंट के विज्ञापन पर आपत्ति जताई गई। जिसमें संबंधित सीमेंट कंपनी से बोर्ड लगाने की एवज में निर्धारित किराया वसूला जाने की मांग जनप्रतिनिधियों ने उठाई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विज्ञापन की एवज में किराया वसूला जाए जिससे की सरकार को राजस्व प्राप्त हो सके। वहीं किराए का भुगतान नहीं करने पर उन्हें हटाया जाए। इस पर वनमंत्री ने बैठक में निर्णय लेते हुए तुरंत प्रभाव से वनाधिकारियों को बोर्ड हटाने के निर्देश दिए। वन मंत्री सुखराम बिश्नोई की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्य सचिव डीबी गुप्ता,प्रमुख सचिव श्रेया गुहा, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन अरिंदम तोमर मौजूद, तीनों टाइगर पार्क के सीसीएफ,डीएफओ भी मौजूद रहे।
Published on:
26 Nov 2019 02:12 pm
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