
धोलेरा स्मार्ट सिटी व नेक्सा नाम से बनाई कई कंपनी, अलग मालिक बनाकर की एक हजार करोड़ से ज्यादा की ठगी
सचिन माथुर
सीकर. धोलेरा स्मार्ट सिटी के नाम से हुई धोखाधड़ी में नया खुलासा हुआ है। निवेशकों को निवेश पर शुरुआत में जो रुपए वापस मिले, वे अलग- अलग कंपनी के बैंक खातों से आरटीजीएस व निफ्ट के जरिए मिलना सामने आया है। जो नेक्सा व धोलेरा सिटी से जुड़े अलग- अलग नाम वाले थे। यानी आरोपियों ने केवल नेक्सा एवरग्रीन ही नहीं बल्कि अन्य कई कंपनी बना रखी थी। पत्रिका की पड़ताल में इनमें से कई कंपनियों के नाम सामने आए हैं। जिनके खाते एचडीएफसी, एयू, आईसीआई, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस, आईडीएफसी सहित कई बैंकों में हैं। खास बात ये है कि इनके मालिक भी अलग- अलग बनाए गए।
इन नामों से सामने आई कंपनी
निफ्ट व आरटीजीएस के जरिये निवेशकों को रुपए लौटाने वाली कंपनीज में नेक्सा एवरग्रीन के अलावा कई कंपनियों के नाम सामने आए हैं। इनमें नेक्सा एवरग्रीन डेवपलपर्स, नेक्सा एवरग्रीन बिल्डर्स, नेक्सा एवरग्रीन धोलेरा, धोलेरा बिल्डर्स, धोलेरा एवरग्रीन डेवलपर, एवरग्रीन बिल्डर डेवलपर, धोलेरा डेवलपर सरीखी कंपनी के नाम शामिल हैं। माना जा रहा है कि इनके अलावा भी धोखेबाजों ने ऐसी कई कंपनी बना रखी थी। जिले में एक हजार करोड़ से ज्यादा की ठगी की बात सामने आ रही है।
अलग- अलग कंपनी के मालिक भी अलग- अलग
धोलेरा सिटी के नाम से धोखाधड़ी करने वाले आरोपी काफी शातिर हैं। उन्होंने निवेशकों को झांसे में लेने के लिए न केवल धोलेरा व नेक्सा से जुड़े नामों वाली ही कंपनी बनाई, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए उनके मालिक भी अलग- अलग बनाए। फिर निवेश का पूरा खेल चैन सिस्टम से ऑनलाइन रखा। जिसमें कमीशन के लालच में निवेशक अपना निवेश बढ़ाने के साथ नए निवेशक भी जोड़ते गए।
मुख्य आरोपी भी मोहरे
ठगी में पनलावा निवासी रणवीर सिंह व पत्नी लक्ष्मी तथा कूदन दादिया निवासी बनवारी लाल व पत्नी गिरिजा का नाम मुख्य आरोपियों में सामने आ रहा है। पर सूत्रों की मानें तो ये भी चैन सिस्टम में ऊपर के मोहरे हैं। इनका मुख्य सरगना कोई और है।
50 हजार के 81 हजार लौटाने का दावा
नेक्सा एवरग्रीन कंपनी ने निवेशकों को 50 हजार रुपए के बदले 15 महीने में 81 हजार रुपए लौटाने का वादा किया था। ये रुपए वे करीब 1350 रुपए के हिसाब से साप्ताहिक आधार पर मंगलवार को निवेशकों को ऑनलाइन ट्रांसफर करते। करीब दो साल तक तो ये क्रम सही रहा। लेकिन, निवेश बढ़ते ही कंपनी ने अचानक उस पर रोक लगा दी।
Updated on:
31 Jan 2023 12:58 pm
Published on:
31 Jan 2023 12:50 pm
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