
Video: सुविधाओं को तरसता गणेश्वर धाम
गणेश्वर. गांव के गालव गंगा तीर्थ धाम की विकास की बात करे तो एक तरफ तो ग्रामीण गणेश्वर को पर्यटन स्थल घोषित करवाने के लिए उपखंड स्तर से लेकर मुख्यमंत्री तक ज्ञापन दे रहे हैं। दूसरी तरफ धाम के विकास में ग्रामीण ही अड़चन पैदा कर रहे हैं। जब प्रशासन विकास के लिए आगे आता है और बजट आवंटित करता है तो बजट लेफ्ट हो जाता हैं। राजस्थान पत्रिका में दर्जनों बार धाम के विकास की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन का इस ओर ध्यान आकर्षित हुआ। चार वर्ष पूर्व पर्यटन विभाग ने विश्राम स्थल के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत कर सार्वजनिक निर्माण विभाग के जरिये विश्राम स्थल के निर्माण का काम शुरू करवाया। ग्रामीणों ने दो तीन जगह अड़चन पैदा कर विश्राम स्थल का काम शुरू नहीं होने दिया। पंचायत प्रशासन ने भी पूरी रुचि नहीं दिखाई। अगर 10 लाख रुपए खर्च हो जाते तो पर्यटन विभाग डेढ़ करोड़ रुपए बजट और आवंटित कर रहा था। विधायक सुरेश मोदी ने भी धाम के विकास के लिए पांच करोड़ की योजना तैयार करवाई थी, लेकिन आवंटित बजट खर्च नहीं होने आगे का रास्ता नहीं मिल पाया।
धाम पर आने वाले श्रद्धालु व ग्रामीणों के लिए विधायक ने इंदिरा रसोई स्वीकृत करवाई, लेकिन ग्रामीणों ने निर्माण कार्य मे अड़चन पैदा कर काम को रुकवा दिया। पंचायत प्रशासन भी दूसरी जगह चिन्हित नहीं कर सका। अगर पंचायत प्रशासन रुचि ले तो धाम के आस पास की सिवायचक भूमि पर अतिक्रमण का सफ ाया करे तो काफी जगह निकल सकती हैं।
धाम के विकास में प्रशासन बजट आवंटित कर रहा है। ग्रामीण धाम का विकास नहीं करवाना चाहते हैं। अगर ग्रामीण सहयोग करें तो विधायक बजट देने के लिए अभी भी तैयार हैं।
सुशीला अग्रवाल, सरपंच गणेश्वर
विकास कार्यों को लेकर तीन बार टेंडट लगा चुके हैं, लेकिन तीर्थ धाम के आसपास विवाद रहित जगह नहीं मिलने से कार्य नहीं हो पाया।
खेताराम, एईएन सार्वजनिक विभाग, नीमकाथाना
Published on:
05 Jul 2023 11:52 am
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
