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सीकर. शहर में सूदखोरी के जाल के बीच नोटों की लॉटरी के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अब यहां शुद्ध सोने की भी लॉटरी खेली जा रही है। सोने की लॉटरी के चक्कर में लाखों की देनदारी सामने आने पर एक कारोबारी पुलिस के पास पहुंचा तो इसका खुलासा हुआ। शहर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामले में धोखाधड़ी के साथ पुलिस इस पर भी जांच करेगी की सोने की लॉटरी का खेल कब से और कितनी जगह पर खेला जा रहा है। हालांकि यह खेल व्यापारियों के बीच ही खेला जाता है। पुलिस के अनुसार शहर के सुभाष चौक नरसिंहजी का मंदिर हाल चांदपोल गेट बांडिया बास निवासी महेन्द्र कुमार सोनी ने मामला दर्ज करवाया है कि उसकी घंटाघर के पास दुकान है। वर्ष 2018 में उसके पास बसंत विहार निवासी रजनीश सोनी आया। उसने कहा कि वह माहवार लॉटरी चलाता है, जिसमें कई व्यापारी जुड़े हुए हैं। हर माह इसकी बोली लगती है। जिस व्यापारी को रुपए की आवश्यकता होती है। वह रुपए उठा लेता है। बाद में किश्तों में रुपया चुकाना होता है। इसके साथ ही शुद्ध सोने की भी लॉटरी चलती है। बोली लगाकर सोना उठाया जा सकता है। हर माह किश्त में सोना जमा करवाना होता है। ऐसे में महेन्द्र सोनी 16 लाख रुपए और पांच सौ ग्राम सोने की लॉटरी में भागीदार बन गया।
12 लाख के चुकाए 16 लाख, 307 ग्राम सोने का 500 ग्राम
महेन्द्र सोनी का आरोप है कि लॉटरी में उसे 12 लाख 42 हजार 680 रुपए दिए गए। सोने की लॉटरी में उसने 307 ग्राम सोना लिया। इसके बदले उसने 16 लाख 39 हजार 780 रुपए और 20 लाख रुपए की कीमत का पांच सौ ग्राम सोना वापस जमा करवा दिया। लेकिन इसके बावजूद रजनीश अधिक रूपए देने का दबाव बनाने लगा। उसके 17 लाख 40 हजार रुपए और 300 ग्राम शुद्ध सोना बाकी निकाल दिया गया। आरोपी ने महेन्द्र व उसके बेटे शुभम को डरा धमका कर खाली चेक व टाइप शुदा स्टाम्प पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। अब झूंठे मामले में फंसने की धमकी दी जा रही है। बहरलाल मामले की जांच धर्माणा चौकी प्रभारी एएसआई दशरथ सिंह को सौंपी गई है।
सीकर में गहरा है लॉटरी का जाल
शहर में रूपए और सोने की लॉटरी का जाल गहरा फैला हुआ है। कारोबारियों से पूछताछ में सामने आया कि करीब आठ समूहों की ओर से शहर में सोने की लॉटरी चलाई जा रही है। इसमें कारोबारी मिलकर समान रूप से सोना एकत्र कर लेते हैं। बाद में बोली के आधार पर यह सोना छोड़ा जाता है, जिसकी किश्त के रूप में प्रत्येक माह तय शुद्ध सोना जमा करवाना होता है। किश्त में विलंब होने पर पैनल्टी लगाई जाती है। यह कारोबार बिना किसी सक्षम स्वीकृति के अवैध रूप से किया जाता है, जिसकी तरफ ना तो कभी पुलिस की नजर गई और ना ही कस्टम व दूसरे जिम्मेदार विभागों की।
परिवादी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले में सोने की लॉटरी चलाए जाने का जिक्र है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विरेन्द्र शर्मा
पुलिस उप अधीक्षक, सीकर
Published on:
19 Dec 2022 12:09 pm
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