
अच्छी खबर: खेतों में अब लहराएगा एलोवेरा और इसबगोल,अच्छी खबर: खेतों में अब लहराएगा एलोवेरा और इसबगोल
प्रदेश में गहराते भूजल और खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए किसानों की आय बढ़ाने के लिए औषधीय पौधों की खेती करवाई जाएगी। राजस्थान उद्यानिकी विकास मिशन के तहत प्रदेश के 21 जिलाें के छह सौ हेक्टैयर में गुग्गुल, इसबगोल, सोना मुखी, अश्वगंधा, ग्वारपाठा, आंवला, तुलसी, सफेद मूसली की खेती करवाई जाएगी। अच्छी बात है कि किसानों के समूह की ओर से की जाने वाली औषधीय पौधों की खेती पर लागत का तीस प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। वहीं अनुदान के लिए आवेदन ऑनलाइन किए जाएंगे।
सीकर में पहली बार इसबगोल
पराम्परागत फसलों के भाव महंगाई की तुलना में कम रहने के कारण खेती घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसको लेकर राज्य सरकार ने सौन्दर्य प्रसाधन व उपचार में काम वाले औषधीय पौधों की आठ किस्मों पर अनुदान देने की कवायद शुरू की है। जिसके तहत सीकर जिले में पहली बार दस- दस हेक्टेयर में इसबगोल और ग्वारपाठा की खेती के लिए लक्ष्य दिए हैं। ईसबगोल की खेती 118 से 125 दिन में तैयार हो जाती है। वहीं इसकी पैदावार प्रति एकड़ के हिसाब से 5 से 6 क्विंटल होती है। वहीं एलोवेरा के पौधे रोपाई के 8-10 महीने के बाद कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं। पहली कटाई के बाद इसके पौधे 2 महीने बाद दूसरी कटाई के लिए तैयार हो जाते है।
ये होंगे पात्र
औषधीय पौधों की खेती समूह में करने पर ही अनुदान मिलेगा। किसान के पास दो हैक्टेयर भूमि होना जरूरी है। किसान राजहंस नर्सरियों एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से उत्पादित पौधे ले सकेंगे। वार्षिक फसल पर अनुदान शत प्रतिशत व द्विवर्षीय फसलों पर दो वर्ष में प्रथम वर्ष साठ प्रतिशत व द्वितीय वर्ष चालीस प्रतिशत अनुदान जारी किया जाएगा।वहीं बहुवर्षीय फसल होने पर 65,20, 15 प्रतिशत के अनुपात में 90 प्रतिशत पौधे जीवित रहने पर दिया जाएगा।
सीकर में यह मिलेगा अनुदान
इसबगोल पर एक हेक्टैयर में 42180 रुपए की लागत आंकी गई है। जबकि इस पर तीस प्रतिशत अनुदान करीब 12660 रुपए प्रति हेक्टैयर मिलेगा। वहीं ऐलोवेरा लगाने पर प्रति हेक्टैयर लागत 50808 रुपए है जिस पर अनुदान 15242 रुपए दिया जाएगा।
फैक्ट फाइल
जिला- लक्ष्य हैक्टेयर में
सीकर-20
झुंझुनूं-10
चूरू-60
अजमेर- 10
अलवर-15
बाडमेर-50
भीलवाड़ा-20
बीकानेर-40
चित्तौडगढ़-10
जयपुर-20
जालौर-30
जैसलमेर- 50
झालावाड-20
जोधपुर-80
कोटा-10
नागौर-50
पाली-40
उदयपुर-35
श्रीगंगानगर-10
प्रतापगढ़-10
सिरोही-20
इनका कहना है
उद्यान विभाग की ओर से सीकर जिले में पहली बार अनुदान पर इसबगोल व ग्वारपाठा की खेती के लिए लक्ष्य मिले हैं। औषधीय खेती को बढ़ावा मिलने से किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा।
हरदेव सिंह बाजिया, उपनिदेशक उद्यान
Published on:
13 Sept 2023 11:36 am
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