
PM Shri School Admission: सरकारी स्कूलों में लगातार गिरते नामांकन के बीच अब सरकार ने पीएमश्री स्कूलों के जरिये नामांकन बढ़ाने की कवायद की है। नए शिक्षा सत्र के साथ ही सरकारी स्कूलों में दाखिले की आयु को लेकर विवाद भी हुए। विभाग की ओर से कई आदेश जारी भी हुए, लेकिन विद्यार्थियों और अभिभावकों को पूरी राहत नहीं मिल सकी। अब विभाग ने पहले चरण के पीएमश्री विद्यालयों में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के संचालन के आदेश जारी किए हैं। खास बात यह है कि विभाग ने बीच सत्र में ही पीएमश्री स्कूलों में संचालित होने वाली पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसको लेकर भी अभिभावकों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं कि बीच सत्र में बच्चों का कैसे दाखिला कराएं। दूसरी तरफ पूर्व प्राथमिक स्कूलों की बड़ी समस्या है कि इनके शिक्षकों का अलग से कोई कैडर नहीं होने से पूरी व्यवस्था संविदा शिक्षकों के सहारे ही रहेगी। पीएम श्री स्कूल के पास रहने वाले बच्चों को प्रवेश में प्राथमिकता मिलेगी। यदि प्रवेश योग्य बच्चों की संख्या निर्धारित संख्या से ज्यादा होगी, तो प्रवेश लॉटरी से होगा।
अभिभावक 27 नवंबर तक आवेदन दे सकेंगे। 28 नवंबर को आवेदनों की सूची स्कूल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाएगी। पूर्व प्राथमिक कक्षा नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के लिए प्राप्त आवेदनों की लॉटरी 29 नवंबर को निकलेगी। 30 नवंबर को प्रवेशित बच्चों की सूची चस्पा होगी और 2 दिसंबर से कक्षाएं शुरू होगी।
पूर्व प्राथमिक कक्षा संचालित करने का सरकार ने ऐलान तो कर दिया, लेकिन प्रदेश के ज्यादातर पीएमश्री विद्यालयों में संसाधन नाकाफी हैं। इसलिए भी अभिभावकों में ज्यादा क्रेज सामने नहीं आ रहा है। पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के लिए महज दो-दो लाख रुपए का बजट दिया गया है। इससे टीएलएम आना भी मुश्किल है।
नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाएं सोमवार से शुक्रवार तक 5 दिन ही लगेगी। रोजाना 4 घंटे ही बच्चों को शिक्षण कार्य जाएगा। ग्रीष्मकाल में इन कक्षाओं का समय सुबह 8 बजे से 12 बजे तक तथा शीतकाल में सुबह 10 बजे से 2 बजे तक होगा।
बीच सत्र में दाखिले शुरू करना पूरी तरह गलत है। अभिभावकों की समस्या को समझते हुए सरकार को नवंबर के साथ मई-जून में भी दाखिले लेने होंगे। पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के संचालन के लिए अलग से शिक्षकों की भर्ती होनी चाहिए। सिर्फ नामांकन बढ़ाने के लिए आधी-अधूरी के स्कूलों का संचालन गलत है।
सुरेन्द्र सिंह, नवाचारी शिक्षक, सीकर
Updated on:
23 Nov 2024 08:12 am
Published on:
23 Nov 2024 08:10 am

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