
खुश खबर: राजस्थान में यहां बेटों से भी ज्यादा जन्मी बेटियां
सीकर जिले का नाम बढ़ा रही बेटियों का मान इस बार जिले ने बढ़ाया है। जिले में 2023 में लिंगानुपात में बड़ा सुधार हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से दिसंबर 2023 तक जिले में एक हजार बेटों पर 954 बेटियों का जन्म हुआ है। जो 2022 के लिंगानुपात के मुकाबले 24 ज्यादा है। जिले के पिपराली, कूदन व लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक में तो बेटों से भी ज्यादा बेटियां जन्मी है। वहीं, शत प्रतिशत अनुपात के साथ पलसाना ने भी बेटा- बेटी समान की सोच को साकार किया है।
930 से 954 पहुंचा लिंगानुपात
पीसीपीएनडीटी सैल के प्रसव के आंकड़ो के अनुसार 2022 में सीकर जिले में एक हजार बेटों पर बेटियों के जन्म का अनुपात 930 था। नीमकाथाना व श्रीमाधोपुर ब्लॉक को निकालें तो तो यह 935 होता है। पर 2023 में ये अनुपात बढकऱ 954 दर्ज हुआ। ये बहुत अच्छा संकेत है।
चार ब्लॉकों में बेटियों की बरकत
बरकत कही जाने वाली बेटियों की चार ब्लॉक में जन्मदर बेहतरीन रही। इन चारों ब्लॉक में पिछले साल बेटियों की जन्मदर बेटों के बराबर या उनसे ज्यादा रही है। कूदन में 522 बेटों के मुकाबले 555, लक्ष्मणगढ़ में 1304 के मुकाबले 1331 और पिपराली में 964 बेटों के मुकाबले 971 बेटियों की किलकारी गूंजी। वहीं, पलसाना में बेटों के बराबर 291 बेटियों ने कुल रोशन किया।
केवल दांता में घटी बेटियां
2022 के मुकाबेल बेटियों की जन्मदर केवल दांतारामगढ़ ब्लॉक में घटी है। यहां 2022 में 732 बेटों के मुकाबले 670 जन्मदर के साथ बेटियों का अनुपात 915 रहा था। 2023 में 427 बेटों के मुकाबले 366 बेटियों के जन्म से ये घटकर 2023 में 887 रह गया। बाकी जिले के सभी ब्लॉक में लिंगानुपात में सुधार हुआ है।
2023 में ये रहा लिंगानुपात
ब्लॉक बेटा बेटी कुल लिंगानुपात
दांता 427 366 793 857.14
फतेहपुर 3409 3310 6719 970.96
खंडेला 282 253 535 897.16
कूदन 522 555 1077 1063.22
लक्ष्मणगढ़ 1304 1331 2635 1020.71
पिपराली 964 971 1935 1007.26
नेछवा 430 422 852 981.40
पलसाना 291 291 582 100.00
शहर 12507 11712 24219 936.44
कुल 20136 19211 39347 954.31
निगरानी व जागरुकता आई काम
विभाग की टीम ने 2023 में तीन डिकॉय ऑपरेशन किए थे। सोनोग्राफी सेंटर्स पर भी पूरी निगरानी रखने के साथ जागरुकता कार्यक्रम चलाए गए। आमजन की सकारात्मक सोच भी काम आई। जिनकी वजह से ही जिले के लिंगानुपात में सुधार हुआ है। सकारात्मक प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
नंदलाल पूनियां, जिला समन्वयक, पीसीपीएनडीटी सैल, सीकर।
Published on:
04 Mar 2024 12:03 pm
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