
सीकर.शिक्षा नगरी के तेजी से होते विस्तार पर जल्द नगरीय विकास विभाग की मुहर लगेगी। शहर के 2031 तक के लिए बने मास्टर प्लान दस वर्ष पहले ही रिव्यू होगा। अब शहर के आसपास के 50 गांवों को शामिल करते हुए 2041 के विकास का खाका खींचते हुए नया मास्टर प्लान बनाया जाएगा। इसके सिविक सर्वेक्षण के लिए राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक पूर्व जयपुर को नियुक्त कर दिया गया है। नियुक्ति के आदेश संयुक्त शासन सचिव मनीष गोयल की ओर से जारी किए गए हैं।
-आगे क्या: इन गांव-ढाणियों तक शहरी सीमा
नए मास्टर प्लान के हिसाब से दायरा बढऩा तय है। सीकर, ढाका की ढाणी, सबलपुरा, जगमालपुरा, भैरूपुरा, भादवासी, शिवसिंहपुरा, कटराथल, कुडली, दादली, हरदयालपुरा, समर्थपुरा, नानी, ढाणी नाथवतान, चंदपुरा, ढाणी सालमसिंह, बजाज नगर, देवीपुरा, खीचड़ों का बास, दुला की ढाणी, राधाकिशनपुरा, रामू का बास, गोकुलपुरा, दुजोद, चैनपुरा, पालवास, कंवरपुरा, रामपुरा, संतोषपुरा, पुरा की ढाणी, बालाजी भैंरूजी नगर, घोराणा, नला का बालाजी, चारण का बास, देवलानाडा, आसपुरा, बलरामपुरा, भढाढऱ, चैलासी, झीगर छोटी, किरडोली, शास्त्री नगर, झीगर बड़ी, बाजौर, देवगढ़, हीरामल नगर, मलकेड़ा, हर्ष और पीपल्यानगर को शामिल किया गया है।
पहले: 2031 तक के लिए बना था मास्टर प्लान
शहर के सुनियोजित विकास के लिए सरकार ने पहले वर्ष 2031 तक के लिए मास्टर प्लान तैयार किया था। उस दौरान शहर की भविष्य में चार लाख 31 हजार की आबादी को ध्यान में रखकर बनाया गया था। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी 237579 थी। लेकिन शिक्षा नगरी सीकर का विकास तेजी से हुआ है। यहां पर एक लाख से अधिक संख्या में बाहर के विद्यार्थी ही अध्ययन के लिए रह रहे हैं। ऐसे में सरकार का अनुमानित आंकड़ा समय से पहले ही पूरा हो गया।--------------
उम्मीद: आवासीय और व्यावसायिक भूमि का बढ़ेगा रकबाशहर के मास्टर प्लान का रिव्यू आसपास के 50 गांवों को शामिल करते हुए किया जाएगा। ऐसे में जानकारों का मानना है कि इससे शहरी क्षेत्र की आवासीय और व्यावसायिक भूमि का रकबा बढ़ेगा। इसका प्रमुख कारण यह भी है कि शहर में विकास बेतरतीब तरीके से भी होने लगा है। दो सौ अधिक बहुमंजिला इमारतें नियम विरुद्ध तरीके से खड़ी कर दी गई है। ऐसे में शहर की नवलगढ़ रोड, पिपराली रोड स्थित शहर के घने क्षेत्र में जल निकासी के साथ यातायात की व्यवस्था भी बढ़ गई है।
रियल एस्टेट: मेडिकल कॉलेज ने बढ़ाए जमीनों के भाव
शिक्षा क्षेत्र का विकास पिपराली रोड और नवलगढ़ रोड पर हुआ है। वहीं मेडिकल कॉलेज व मिनी सचिवालय के निर्माण के चलते शहर की सांवली रोड पर जमीनों के भावों में बेहताशा वृद्धि हुई है। ऐसे में नए मास्टर प्लान में शहर की पेराफेरी क्षेत्र को बढ़ाया जाएगा। साथ ही यातायात की सघनता को कम करने के लिए सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने के साथ सुविधाओं को बढ़ाने की भी योजना बनाई जाएगी।
ऐसे समझे सीकर के 2031 तक के मास्टर प्लान कोपुराना शहर: 618 हैक्टेयर
राधाकिशनपुरा क्षेत्र: 2637 हैक्टेयरदेवीपुरा क्षेत्र: 3082 हैक्टेयर
जगमालपुरा रोड: 2710 हैक्टेयर
सीकर शहर में फिलहाल ऐसे हो रहा जमीन का उपयोगनगर परिषद की कुल सीमा: 2257 हैक्टेयर
विकसित क्षेत्र: 2174 हैक्टेयरआवासीय क्षेत्र: 64.40 हैक्टेयर
व्यावसायिक: 4.51हैक्टेयरऔद्योगिक: 1.61हैक्टेयर
राजकीय: 1.00 हैक्टेयरमनोरंजन: 1.21 हैक्टेयर
सार्वजनिक: 10.76 हैक्टेयर
इनका कहना है...शहर का विकास तेजी से हुआ है। पहले मास्टर प्लान वर्ष 2031 तक के लिए जारी था। लेकिन विकास को समुचित विस्तार देने के लिए दस वर्ष पहले ही मास्टर प्लान का रिव्यू किया जा रहा है। आसपास के 50 गांवों को शामिल करते हुए नए मास्टर प्लान में विकास का खाका खींचा जाएगा।
राजेद्र पारीक, विधायक, सीकर
एक्सपर्ट व्यू.....शिक्षानगरी में लगातार विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। इस वजह से शहर का भी तेजी से विस्तार हुआ है। शहर की अर्थव्यवस्था की डोर भी शिक्षा है। शहरी सीमा का दायरे बढऩे से विस्तार और तेजी से हो सकेगा। प्रदेश की राजधानी जयपुर के नजदीक होने की वजह से शिक्षानगरी सैटेलाइट सिटी के तौर पर विकसित हो रही है। ऐसे में यहां निवेश की भी राहें लगातार खुल रही है।
इंजीनियर मनीष ढाका, सीकर
Published on:
23 Dec 2022 12:30 pm
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