
Drinking Water News: सीकर-झुंझुनूं के पाताल में भी पैंदे बैठा, चूरू में थोड़ा ऊपर आया पानी
आशीष जोशी
Drinking Water News: सीकर. गर्मी तेज होते ही पानी के लिए पसीना बहाना शुरू हो गया है। शेखावाटी Shekhawati के कई इलाकों में दो मटकी पीने के पानी के लिए ग्रामीण जद्दोजहद कर रहे हैं। इस बीच केंद्रीय भूजल बोर्ड Central Ground Water Board की ताजा रिपोर्ट चिंता बढ़ा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 59 प्रतिशत कुओं में भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। शेखावाटी की तस्वीर और भी भयावह है। झुंझुनंू Jhunjhunu में 92 तो सीकर Sikar के 79 फीसदी कुओं में पानी पैंदे बैठा है। वहीं चूरू churu के भूगर्भ में पानी रिचार्ज हुआ है। यहां 57 प्रतिशत कुओं के भूजल स्तर में वृद्धि देखी गई है।
ऐसे तैयार की रिपोर्ट
केंद्रीय भूजल बोर्ड मॉनिटरिंग कुओं के नेटवर्क के जरिए देशभर में क्षेत्रीय आधार पर भूजल स्तर की आवधिक मॉनिटरिंग कर रहा है। भूजल स्तर में दीर्घावधिक उतार-चढ़ाव का आकलन करने के लिए नवम्बर 2021 के दौरान सीजीडब्ल्यूबी CGWB की ओर से एकत्रित जल स्तर डाटा की नवम्बर के दशकीय औसत के साथ तुलना की गई। वर्तमान में सीजीडब्ल्यूबी देश के 22835 कुओं की मॉनिटरिंग कर रहा है।
रेगिस्तान में कुएं रिचार्ज, झीलों की नगरी में नीचे गया पानी
चूरू के अलावा जैसलमेर के रेगिस्तानी इलाके में भी भूजल स्तर में सुधार देखा गया है। जैसलमेर Jaisalmer के 57 प्रतिशत कुओं में भूजल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं झीलों की नगरी उदयपुर Udaipur के 57 प्रतिशत कुओं में जल स्तर गिरा है। राजसमंद Rajsamand में भी 59 फीसदी कुओं में गिरावट आई है। चम्बल किनारे होने के बावजूद कोटा में 65 प्रतिशत कुओं में पानी पैंदे बैठा है।
आंकड़ों में समझें शेखावाटी के हाल
सीकर
विश्लेषण किए गए कुओं की संख्या : 34
भूजल स्तर में वृद्धि : 7भूजल स्तर में गिरावट : 27
02 मीटर तक बढ़ोतरी वाले कुएं : 5
04 मीटर तक वृद्धि : 2 कुओं में
02 मीटर तक गिरावट : 18 में
04 मीटर तक गिरा भूजल : 3 कुओं में
04 मीटर से ज्यादा गिरावट वाले कुएं : 6
चूरू
विश्लेषण किए गए कुएं : 28
भूजल स्तर में वृद्धि : 16
भूजल स्तर में गिरावट : 12
14 कुओं में 2 मीटर तक बढ़ोतरी
01 कुएं में 2 से 4 मीटर तक की वृद्धि
01 कुएं में 4 मीटर से ज्यादा बढ़ोतरी
08 कुओं में 2 मीटर तक की गिरावट
02 कुओं में 4 मीटर तक गिरा भूजल
02 कुओं में 4 मीटर से ज्यादा गिरावट
झुंझुनूं
विश्लेषण किए गए कुएं : 12
भूजल स्तर में वृद्धि : 1
भूजल स्तर में गिरावट : 11
01 कुएं में 4 मीटर तक की बढ़ोतरी
03 कुओं में 2 मीटर तक की गिरावट
03 कुओं में 4 मीटर तक गिरावट
05 कुओं में 4 मीटर से ज्यादा गिरा पानी
एक्सपर्ट व्यू : जल संरक्षण का कोई रोडमैप नहीं, ट्यूबवैल खोदने की खुली छूट
जल संरक्षण को लेकर सरकार का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है। हर साल लाखों लीटर बारिश का पानी व्यर्थ बह जाता है। इसको सहेजने के लिए कोई मजबूत योजना बनानी चाहिए। सरकारी कार्यालयों से लेकर बहुमंजिला भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की हकीकत किसी से छुपी नहीं है। इतनी लापरवाही के बीच सरकार ने ट्यूबवैल खोदने की छूट प्रदेश की जनता को और दे दी। सीकर और झुंझुनूं जिले के ज्यादातर ब्लॉक पहले से डार्क जोन में हैं। वहां अब और तेजी से भूजल स्तर का गिरना भविष्य की चिन्ता बढ़ा रहा है। चूरू जिले में टांकों के जरिए पानी को सहेजने का काम काफी पहले से किया जा रहा है। इस वजह से वहां तस्वीर थोड़ी सुधरी है।
परमेश्वर शर्मा, एक्सपर्ट, सीकर
Published on:
20 Apr 2022 10:59 am
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