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हिन्दू मां-बाप ने मुस्लिम युवती को बनाया बेटी, नाती होने पर परिवार सहित भरा छूछक

(Example of communal harmony) देश में सांप्रदायिक विवादों की खबरों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल सामने आई है। जिसमें एक हिंदू माता- पिता ने न केवल एक मुस्लिम युवती को अपनी बेटी बनाया, बल्कि उसके पुत्र जन्म पर बकायदा उसका छूछक भी भरा।

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सीकर

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Sachin Mathur

Apr 15, 2021

मिसाल: हिन्दू मां-बाप ने मुस्लिम युवती को बनाया बेटी, नाती होने पर परिवार सहित भरा छूछक

मिसाल: हिन्दू मां-बाप ने मुस्लिम युवती को बनाया बेटी, नाती होने पर परिवार सहित भरा छूछक

सीकर/चला. देश में सांप्रदायिक विवादों की खबरों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल सामने आई है। जिसमें एक हिंदू माता- पिता ने न केवल एक मुस्लिम युवती को अपनी बेटी बनाया, बल्कि उसके पुत्र जन्म पर बकायदा उसका छूछक भी भरा। जिसमें सोने- चांदी के गहनों के साथ 21 हजार रुपए की नगद राशि भी भेंट की। इस अनूठे रिश्ते की शुरूआत भी बेहद रोचक तरीके अस्पताल में हुई। जो छह साल से सौहार्द की नई नजीर के रूप में निभाया जा रहा है।

यूं शुरू हुआ अनूठा रिश्ता
गुहाला के समाजसेवी मोहम्मद इसाक ने बताया कि इस संबंध की शुरूआत छह साल पहले सीकर के एक अस्पताल में हुई। जहां दोनों परिवार के मरीजों का उपचार चल रहा था। यहां दोनों परिवार एक दूसरे के सुख-दु:ख में काम आए। यहीं गणेशपुरा निवासी कमला देवी व सलमा बानो एक दूसरे के व्यवहार से काफी प्रभावित हुए। यहीं कमला देवी व पति भागीरथ बाजडोलिया ने खुद के बेटी नहीं होने की बात कहते हुए सलमा को अपनी बेटी बनाने की बात कही। सलमा व उसके परिवार ने भी धर्म की बेटी बनना स्वीकार किया। इसके बाद तो दोनों परिवार मानो एक हो गए। एक दूसरे के घर आने जाने के साथ समारोह में भी आना- जाना शुरू हुआ।

छूछक में दिए सोने- चांदी के गहने व नगद
छूछक का कार्यक्रम झुंझुनूं के गुढ़ा गांव में दो दिन पहले आयोजित हुआ। जिसमें गणेशपुरा का बाजडोलिया परिवार अपने सगे संबंधियों के साथ शामिल हुआ। यहां हिंदू रीति रिवाजों के अनुसार भागीरथ बाजडोलिया ने बेटी सलमा बानो को 21 हजार रुपए, सोने-चांदी के आभूषण व कपड़ों के साथ आशिर्वाद देकर छुछक की रस्म अदा की। इस दौरान नानूराम, रामदेव, शिव भगवान सहित हिन्दु परिवार करीब 40 लोग मौजूद थे।

इंसानियत के रिश्ते पर गर्व
मुस्लिम बेटी से संबंध को लेकर पिता भागीरथ बाजडोलिया मन में गर्व का भाव रखते हैं। उन्होंने पत्रिका को बताया कि उनके लिए इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। इस धर्म को निभाने में उन्हें गर्व और सुकून दोनों मिलता है। उन्होंने कहा कि सलमा के साथ उनके संबंध में धर्म कभी आड़े नहीं आएगा। इधर, सलमा के पति साजिद चौहान का भी कहना है कि यदि सभी लोग इंसानियत को पहला धर्म मानने लगे तो देश व दुनिया से फसाद की जड़ ही खत्म हो जाए।