
पुरानी रीट में विवाद हुआ तो नई रीट भी अटकी, 16 लाख अभ्यर्थियों को इंतजार
सीकर. विधानसभा चुनाव के दौरान तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्तियों को मुद्दा बनाने वाली कांग्रेस सरकार अब खुद रीट के फेर में उलझ गई है। कोरोना की वजह से सरकार तीन साल में महज एक बार ही रीट परीक्षा का आयोजन करा सकी। रीट में भी नकल का खेल एसओजी की ओर से उजागार किए जाने के बाद 32 हजार शिक्षकों की भर्ती में भी पेच फंस गया है। जबकि पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने रीट 2021 में पद बढ़ाने के बजाय अप्रेल-मई में 20 हजार पदों के लिए अलग से रीट परीक्षा कराने का ऐलान किया था। पुरानी रीट को लेकर एसओजी की ओर से नित नए खुलासे किए जाने के बाद पुरानी रीट का इंतजार भी बढ़ता जा रहा है। दूसरी बड़ी समस्या यह है कि एसओजी के खुलासे के बाद सरकार ने बोर्ड अध्यक्ष जारौली को बर्खास्त कर दिया। जबकि सचिव सेंगवा को निलंबित कर दिया। ऐसे में बोर्ड में नई रीट की तैयारियों पर भी ब्रेक लग गया है। प्रदेश के 16 लाख बेरोजगारों को फिलहाल रीट 2021 के फैसले को लेकर सबसे ज्यादा इंतजार है। क्योंकि इसके पेच सुलझने के बाद ही रीट 2022 ट्रेक पर आ पाएगी।
चार महीने चाहिए तैयारियों के लिए
रीट 2022 के समय पर नहीं होने को लेकर बेरोजगारों की ओर से सवाल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पिछली रीट के समय सरकार की ओर से कहा गया था कि तैयारियों के लिए कम से कम चार से पांच महीने का समय चाहिए। इस बार तो अभी तक बोर्ड की तैयारियों को लेकर पहली बैठक भी नहीं हो सकी है।
समय पर नहीं हुई तो 16 लाख युवा भुगतेंगे खामियाजा
प्रदेश में फिलहाल 16 लाख से अधिक बीएड व बीएसटीसी अभ्यर्थी बेरोजगार हैं। इन बेरोजगारों की ओर से वर्तमान में रिक्त पदों के हिसाब से भर्ती कराने की मांग की जा रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ ही बेरोजगारों ने नई रीट भर्ती की तैयारी शुरू कर दी थी। कई बेरोजगार तो निजी स्कूलों की नौकरी छोड़ तैयारी कर रहे हैं।
तीन महीने पद बढ़ोतरी और अब रद्द करने को लेकर आंदोलन
प्रदेश में रीट को लेकर अब तक तीन बड़े आंदोलन हो चुके हैं। पहले रीट 2020 को स्थगित करने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ। इसके बाद कोरोना की वजह से परीक्षा स्थगित हो गई। रीट परीक्षा के जरिए 50 हजार शिक्षकों की भर्ती करने की मांग को लेकर जयपुर के शहीद स्मारक पर बेरोजगारों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच रीट में नकल का खुलासा होने पर परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है।
एक्सपर्ट व्यू: दो प्रश्न पत्रों की व्यवस्था हो लागू
मुख्यमंत्री की ओर से तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती का पैटर्न बदलने का पहले से ही ऐलान किया जा चुका है। ऐसे में नई रीट के लिए दो परीक्षा होना लगभग तय है। सरकार को अब दो प्रश्न पत्रों की व्यवस्था लागू करनी चाहिए। सरकार को पुरानी रीट को रद्द कर नई भर्ती में पदों की संख्या 50 से 55 हजार करनी चाहिए। इससे शिक्षक भर्ती की तैयारी में कई साल से जुटे बेरोजगारों को काफी राहत मिल सकेगी।
विकास बुरड़क, एक्सपर्ट, सीकर
Published on:
06 Feb 2022 04:39 pm
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