
Health News: बच्चों में आयरन की कमी के कारण से भी बुखार के दौरे आ सकते है। जेके लोन सहित प्रदेश के कई अस्पतालों में भर्ती बच्चों के सर्वे में यह सामने आया है। शोध में सामने आया कि बच्चों को बुखार के साथ आने वाले दोरौ का संबंध शरीर में खून की कमी एवं आयरन की कमी से भी होता है। डॉ. गोविंद चौधरी ने यह शोध कार्य उनके गाइड डॉ. योगेश यादव एसोसिएट प्रोफ़ेसर जेके लोन अस्पताल एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक गुप्ता एवं डॉ. शैलजा वाजपेयी और डॉ. कविता यादव असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के सहयोग से किया है। यह शोध कार्य इंडियन जर्नल ऑफ अप्लाइड रिसर्च में भी प्रकाशित हो चुका है।
जेके लोन अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. योगेश यादव के अनुसार बुखार में दौरा आना एक ऐसी समस्या है जिससे परिजनों को अपने नैनिहालों को लेकर लगातार चिन्ता सताती रहती है। 100 में में 2-5 फीसदी बच्चों में ही यह समस्या होती है। छह महीने से पांच साल की उम्र में बुखार के साथ दौरे सामान्यतया आते हैं, इसमें बच्चों को जब बुखार चढ़ता है तो वह हाथ पैर में झटके आने के साथ साथ बच्चा बेहोश हो जाता है।
इसमें सर्वाधिक बच्चे 1-2 साल की आयु के आते हैं। शरीर में आयरन हीमोग्लोबिन के अलावा ब्रेन के मेटाबॉलिज़्म एवं कई एंजाइमों का प्रमुख घटक होता है, इसलिए आयरन की कमी से बच्चों में दौरा आने की संभावनाएं बढ़ जाती है।
Updated on:
14 May 2023 11:17 am
Published on:
14 May 2023 11:09 am

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