
आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भारत की बड़ी पहल, बनेगा दुनिया का पहला ग्लोबल सेंटर
सीकर। पन्द्रह चिकित्सक, रोजाना पचास का आउटडोर और मरीजों के लिए पीने का पानी तक मयस्सर नहीं। जी हां यह हाल है जिले के सबसे बड़े राजेन्द्र प्रसाद आयुर्वेद चिकित्सालय के। एक ओर केन्द्र व राज्य सरकार आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की बात कह रही है लेकिन लेकिन रानी शक्ति रोड पर बने इस अस्पताल में किसी भी मरीज को भर्ती करने की सुविधा तक नहीं है। जिसका नतीजा है कि मरीजों का अस्पताल से मोहभंग होता जा रहा है। अस्पताल आने वाले मरीजों में भी पंचकर्म का लाभ उठाने वाले कुछ चुनिंदा मरीज है जिनकी संख्या आउटडोर में आने वाले मरीजों में है। रही सही कसर गोकुलपुरा में बनने वाले आयुर्वेद कॉलेज के लिए बजट का आंवटन नहीं हो रही है। जिससे न तो जिला अस्पताल में ओर न ही गोकुलपुरा में आवंटित अस्थाई भवन में मरम्मत कार्य नहीं हो रही है। ऐसे में बिना काॅलेज शुरू हुए ही महीनो से अस्पताल में लगे पीजी किए गए चिकित्सक औपचारिक ड्यूटी दे रहे हैं।
चिकित्सा सेवाएं प्रभावित
प्रदेश सरकार ने पिछले साल सीकर में आयुर्वेद कॉलेज शुरू करने की घोषणा की थी। जिसके तहत आनन-फानन में स्टॉफ को भी प्रतिनियुक्ति पर लगा दिया गया। जिससे संबंधित क्षेत्र की चिकित्सा सेवाएं सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। काॅलेज के लिए अस्थाई रूप से गोकुलपुरा में भवन की जगह भी चिन्हित कर दी। लेकिन भवन और जिला अस्पताल के लिए मरम्मत का बजट प्रस्ताव पास भी नहीं हुआ। जिस कारण आयुर्वेद कॉलेज में भी अलग से चिकित्सकों के चैम्बर नहीं बन सके हैं। योग के लिए जिला अस्पताल में कमरा तो बना हुआ है लेकिन स्थाई रूप से शिक्षक नहीं है।
इनका कहना है
आयुर्वेद कॉलेज के लिए बजट का आवंटन नहीं हुआ है। जिससे अस्थाई रूप से गोकुलपुरा में आवंटित भवन और जिला अस्पताल की मरम्मत नहीं हो पा रही है। वहां लगाए गया स्टॉफ फिलहाल जिला अस्पताल में ही ड्यूटी दे रहा है। इस कारण कॉलेज के सामान को जिला अस्पताल में बने कमरों में रखा हुआ है। जिस कारण मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। अस्पताल में पीने के पानी की व्यवस्था के सुधार के लिए अस्पताल प्रभारी को पाबंद किया जाएगा।
- कैलाश शर्मा , उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग सीकर
सीकर में आयुर्वेद कॉलेज के अस्थाई भवन के लिए 15 लाख और जिला अस्पताल के लिए 50 लाख का बजट आना था लेकिन उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी बजट का आवंटन नहीं हुआ है। प्रतिनियुक्ति पर लगे स्टॉफ को एक ही कक्ष में बिठाया जा रहा है। कॉलेज में दस विद्याथी प्रवेश ले चुके हैं ऐसे में चिकित्सा सेवाओं सहित शिक्षण कार्य भी सीधे तौर प्रभावित हो रहा है।
- सत्यनारायण, प्रिंसीपल आयुर्वेद कॉलेज सीकर
जिला अस्पताल में पानी और सफाई व्यवस्था की इन दिनो समस्या चल रही है। मुख्यालय से बजट मांगा गया है। मरीजों सहित स्टॉफ को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। जल्द ही विकल्प के रूप में व्यवस्थाएं की जाएगी।
- डा विनोद कुमार, प्रभारी राजेन्द्र आयुर्वेद अस्पताल
Published on:
22 Apr 2022 06:47 pm
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