
सीकर। कल्याण अस्पताल में होने वाली सिटी स्कैन व एमआरआई जांच को लेकर अस्पताल प्रबंधन के नए आदेश ने मरीजों की मुसीबत बढ़ा दी है।
सीकर। एक ओर सरकार मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना का लाभ सभी मरीजों तक पहुंचाने के लिए महंगी जांच को निशुल्क करने के आदेश दे रही है वहीं जिले के सबसे बड़े कल्याण अस्पताल में होने वाली सिटी स्कैन व एमआरआई जांच को लेकर अस्पताल प्रबंधन के नए आदेश ने मरीजों की मुसीबत बढ़ा दी है। नए आदेश के अनुसार अस्पताल में आरजीएचएस व चिंरजीवी योजना के मरीज की सिटी व एमआरआई जांच निशुल्क करने के लिए कमेटी के एक सदस्य के काउंटर साइन होने जरूरी होंगे। ऐसे में इन जांच के जरूरत मंद मरीज व परिजनों को अस्पताल के चक्कर लगाने होंगे। हालांकि ट्रोमा में आने वाले मरीज की सिटी व एमआरआई केवल वरिष्ठ चिकित्सक के हस्ताक्षरों से हाे पाएगी। सबसे ज्यादा परेशानी की बात है कि मरीज अपनी बीमारी का इलाज करवाए या जांच के लिए हस्ताक्षर करवाए।
ये है आदेश
अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी में चिरंजीवी और आरजीएचएस योजना के मरीजों की सिटी स्कैन व एमआरआई जांच को निशुल्क करने के लिए संबंधित विभागाध्यक्ष या यूनिट को अधिकृत किया गया है। आपातकालीन जांच को छोडकर सामान्य जांच में चिरंजीवी एवं आरजीएचएस के पात्र मरीजों को प्राथमिकता मिलेगी। जो मरीज इन योजनाओं के पात्र नहीं है उनकी ये जांच विभागाध्यक्ष के हस्ताक्षर होने के बाद चार सदस्यीय कमेटी के एक सदस्य के प्रति हस्ताक्षर होने के बाद ही निशुल्क की जाएगी। इसके लिए कमेटी में ईएनटी विभाग के डा जीएस थालौड, अतिरिक्त अधीक्षक डा मितेश सागर, डिप्टी कंट्रोलर डा महेश कुमार, उप अधीक्षक डा जगदीश प्रसाद को शामिल किया गया है।
रखेंगे पूरा रेकार्ड
इमरजेंसी में आने वाले मरीजों सिटी स्कैन अति आवश्यक होने पर ट्रोमा में मौजूद सीनियर चिकित्सक के प्रति हस्ताक्षर से निशुल्क की जाएगी। जांच के लिए उस चिकित्सक को उचित कारण पर्ची में लिखना होगा। जिस पर चिकित्सक के हस्ताक्षर मय सील व खुद के मोबाइल नम्बर लिखने होंगे। साथ ही इन सभी जांच का पूरा रेकार्ड रखने के लिए संबंधित ओपीडी इंचार्ज व ट्रोमा इंचार्ज की जिम्मेदारी तय की गई है।
Published on:
22 Apr 2022 06:33 pm
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