
ट्रेन व बस में सफर कर करेंगे जांच,निरीक्षण दलों की गोपनीय टीम होगी गठित
सीकर. घाटे से जूझ रही रोडवेज में राजस्व बढ़ाने के लिए रोडवेज प्रबंधन गोपनीय टीमें बनाएगा। अंतर्राज्यीय मार्गों पर चलने वाले बसों की जांच के लिए मुख्यालय व डिपो स्तर पर विशेष टीम बनाई जाएगी। यह टीमें अन्तरराज्यीय क्षेत्र में चलने वाली बसों की चैकिंग करेगी। इसके लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए निरीक्षण दलों को ट्रेन, निजी बसों से अलग-अलग रुटों पर पहुंचना होगा। अन्य वाहनों के जरिए पहुंचने वाली टीम की जानकारी नहीं मिलने से निरीक्षण सटीक होगा। सीकर डिपो से रोजाना 162 बसों का संचालन किया जा रहा है।
मिल रही है चुनौती
रोडवेज के अधिकारियों ने बताया कि रोडवेज को अवैध वाहनों, निजी बसों, लोक परिवहन सेवा की बसों से प्रतिस्पर्धा मिल रही है। राजमार्गों की बजाए अब राष्ट्रीय राज मार्गों पर दौड़ रहे अवैध वाहन रोडवेज के लिए चुनौती है। रोडवेज की ओर से फ्लाइंग पर लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद आय में इजाफा नहीं हो रहा है। इसके लिए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के कार्यकारी निदेशक यातायात ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
2 निरीक्षक, 58 हजार किमी
162 बसों के की जांच के लिए डिपो में महज निरीक्षक ही है। रोडवेज की बसों का संचालन 58 हजार किलोमीटर तक होता है। इन बसों की नियमित जांच करना बेहद मुश्किल है। करीब 30 बसें दिल्ली, हिसार, चंडीगढ़, भिवानी, रोहतक मार्ग पर चलती है। हालांकि बरसों पहले निगम की ओर से अंतर्राज्यीय मार्गों की बसों की चैकिंग की जाती थी। इसके अलावा फ्लाइंग की गाड़ी डिपो से निकलते ही सभी मार्गों पर चल रहे चालक व परिचालक के पास लोकेशन पहुंच जाती थी। इस कारण अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते थे।
करते है निरीक्षण
अन्य प्रदेशों में चलने वाली डिपो की बसों का निरीक्षण करने के लिए विशेष गोपनीय टीम बनाई जाएगी। फिलहाल डिपो स्तर पर बसों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
- मुकन सिंह, प्रबंधक संचालन, सीकर डिपो
Published on:
25 May 2018 03:16 pm
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