
सीकर. ये दो बहनें पूरे परिवार का नूर हैं। अपने जिले का गौरव और स्टेट की शान हैं। दोनों जुड़वा हैं। इनमें अनेक समानाताएं भी हैं। जन्म से लेकर कॅरियर बनाने की दिशा में भी दोनों एक साथ आगे बढ़ रही हैं। ये इन दिनों राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर उपखण्ड के गांव ढांढ़ण में हो रही 63वीं नेशनल लेवल की वॉलीबाल प्रतियोगिता में अपना कमाल दिखा रही हैं।
जानिए इन होनहार बेटियों के बारे में
-इन 15 वर्षीय जुड़वा का बहनों का नाम ‘ब’ से शुरू होता है। एक नाम बबीता व दूसरी का बनीता है।
-दोनों ही चण्डीगढ़ की टीम तरफ से नेशनल लेवल पर वॉलीबाल खेलती हैं।
-दोनों को ही बचपन से वॉलीबाल खेलने का शौक था।
-वर्ष 2012 में इनको स्कूली स्तर पर वॉलीबाल की टीम में जगह मिली।
-इसके बाद तो 2013 से लेकर अब तक ये पांच बार नेशनल लेवल पर खेल चुकी हैं।
-इनके पिता होटल में काम करते हैं। पिता दोनों ही बेटियों को बेटों की तरह समझते हैं।
-दोनों बहनें सरकारी स्कूल में पढ़ती हैं।
-वॉलीबाल के प्रति जुनून का आलम ये हैं कि दोनों बहनें कभी प्रेक्टिस करना नहीं भूलती।
-रोज सुबह की प्रेक्टिस में इनके स्कूल में ही होती है।
-इसके बाद ये शाम की प्रेक्टिस करने स्टेडियम जाती हैं।
विजेता टीम का अजब संयोग
इसे इत्तेफाक कहें या जुड़वा बहनें बबीता व बनीता से जुड़ा कोई अजब संयोग या फिर टीम की कड़ी मेहनत और जबरदस्त प्रशिक्षण का नतीजा। खैर जो हो, मगर संयोग ये है कि राज्य स्तर पर बबीता और बनीता आज तक जिस की प्रतियोगिता में साथ खेली है, वो टीम हमेशा विजेता रही है।
एक आउट हो जाए दूसरी से खेला नहीं जाता
बबीता ने राजस्थान पत्रिका डॉट से बातचीत में बताया कि दोनों जुड़वा बहनें वॉलीबाल अटैक की पॉजीशन पर खेलती हैं। खास बात ये है कि दोनों में से कोई भी आउट हो जाती है तो दूसरी उसके बिना ठीक से खेल ही नहीं पाती है। दोनों एक साथ मैदान पर होती हैं तो सामने वाली टीम के पसीने आ जाते हैं।
केरल ने जीती ढांढ़ण प्रतियोगिता
उधर, गांव ढांढ़ण में रविवार को 63वीं नेशनल लेवल की वॉलीबाल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले हुए। फाइनल में केरल व हिमाचल प्रदेश के बीच भिड़ंत हुई, जिसमें केरल ने 3-0 से हिमाचल प्रदेश को हराकर प्रतियोगिता अपने नाम कर ली।
Updated on:
19 Nov 2017 05:22 pm
Published on:
19 Nov 2017 01:57 pm

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