
देश में हर दिन 191 शिकायतें
श्रीमाधोपुर: आज मानवाधिकार आयोग दिवस है। मानव अधिकार से तात्र्पय मानव के उन अधिकारो से है जो मनुष्य को जन्मजात प्राप्त है। मानव अधिकार मनुष्य की प्रकृति मे निहित है माना जाता है कि ये किसी परंपरा, रितिरिवाज, कानून, संसद या राष्ट्र की देन नहीं है। इन अधिकारों की रक्षा करना भी हर सरकार का धर्म माना जाता है। इसी वजह से 10 दिसंबर 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकारों को सार्वभौमिक रूप से मान्य किया था।
इसके बाद से दस दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाया जाता 21 लाख 15 हजार रूपयो की राहत के लिए राजस्थान के 22 मामलो मेंभरतपुर के एक मामले में 10 लाख 65 हजार व अलवर के तीन मामलो में 7 लाख 50 हजार, जयपुर के तीन मामलों में 2 लाख 15 हजार व चुरू के एक मामले में 50 हजार रूपयो सहित राजस्थान के कुल 22 मामलो में आयोग ने पीडि़तो अथवा उनके निकटतम रिस्तेदारो के लिए कुल 21 लाख 15 हजार रूपयो की वित्तिय राहत दी है।
प्रदेश में हर दिन सात मामले सीकर नवें नंबर पर
मानवाधिकार हनन के मामलों का ग्राफ बढता जा रहा है। आंकडों पर गौर करें तो जयपुर में सबसे अधिक 420 मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा अलवर में 201, भीलवाड़ा में 146, भरतपुर में 138, अजमेर में 135, कोटा में 122, उदयपुर 113, जोधपुर में105 व सीकर में 102 शिकायतें दर्ज हुई है। पूरे प्रदेश में सीकर नवें स्थान पर है। झून्झुनु से मात्र 60 व चूरू से 48 मामले दर्ज हुए है।
हिरासत में मौत को गंभीरता से लेता हैं मानव अधिकार आयोग
पुलिस हिरासत में व्यक्ति की मौत, बाल श्रमिक से काम करवाना, पुलिस हिरासत में प्रताडना या यातना, दलितों पर अत्याचार, चिकित्सकों की लापरवाही से इलाज के दौरान मौत, ईट भटटों पर से बंधुआ मजदूरों का शोषण आदि को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग व राज्य मानवाधिकार आयोग गंभीर से लेता हैं और अविलंब इस प्रकार के प्रकरणों में समुचित कार्यवाही भी की जाती हैं।
सबसे ज्यादा शिकायतें पुलिस महकमे की
प्रदेश में मानवाधिकार आयोग के पास सबसे ज्यादा शिकायतें पुलिस महकमे की पहुंची है। इस साल में पुलिस महकमें से संबंधित 880 शिकायतें दर्ज हुई। महिलाओं से संबंधित 173, जेल से संबंधित 77, बाल श्रम से संबंधित 40 व स्वास्थ्य से संबंधित 33 मामले दर्ज हुए हैं।
हर साल दर्ज होती हैं 69 हजार शिकायतें
राष्ट्रीय मानव अधिकार के आंकड़ो पर गौर करें तो इस साल में 69 हजार 588 शिकायतें मानवाधिकार हनन की दर्ज हुई। ऐसे मामलों में देश में उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर है। यूपी में इस साल में 33 हजार 282 शिकायतें दर्ज हुई। दूसरे नंबर पर दिल्ली है जहां 4950 शिकायतें दर्ज हुई। इसके अलावा ओडिशा में 4808, बिहार में 3003, हरियाणा में 2685 शिकायतें दर्ज हुई। वहीं 2674 शिकायतों के साथ राजस्थान छठे नंबर पर है। 69 हजार 588 में से 62 हजार 87 मामलों का निस्तारण कर दिया गया है व सात हजार 501 मामले अभी भी आयोग में विचाराधीन हैं।
Published on:
10 Dec 2017 10:51 am
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