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राजस्थान का रण में लक्ष्मणगढ़ की जनता ने तय किए मुद्दे

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jan agenda of laxmangarh sikar

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लक्ष्मणगढ़. पत्रिका समूह के जन एजेंडा 2018 -23 के तहत हर विधानसभा क्षेत्र के लोगों, जन संगठनों और समूहों ने बैठक कर रोड मैप तैयार किया। क्षेत्र के विकास के मुद्दे तय किए।

रेलवे ओवरब्रिज की मांग लंबे समय से गूंज रही है। लेकिन जनता को इसकी सौगात नहीं मिली। पत्रिका की ओर से हुई विभिन्न बैठकों में लोगों ने कहा कि लक्ष्मणगढ़ की जनता को इसकी सौगात मिलनी चाहिए। इसका निर्माण होने पर 14 ग्राम पंचायत व 170 से गांव-ढाणियों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।

कस्बे में वर्षो बाद सरकारी महाविद्यालय नहीं खुला है। हर चुनाव में सरकारी कॉलेज की मांग गूंजती है, लेकिन कोई भी नेता राहत नहीं दिला सका। इस चुनाव में भी यह प्रमुख मुद्दा रहेगा।

कस्बे में गंदे पानी की काफी समस्या है। ग्रामीण क्षेत्र में तो गौरव पथों का निर्माण हो गया, लेकिन शहर के कई वार्डो की सडक़ काफी जर्जर है। लोगों ने शहरी गौरव पथ की मांग की है।
सीवरेज निर्माण की ओर से कार्य काफी धीमी गति से किया जा रहा है। लोगों में गुणवत्ता व धीमी गति को काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि समय पर सीवरेज का निर्माण कराना होगा।

विधानसभा क्षेत्र में युवाओं के खेलकूद के लिए बने स्टेडियम में कोई सुविधा नहीं है। युवाओं का कहना है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को यह कार्य प्राथमिकता से कराना होगा।

लक्ष्मणगढ़ में पार्क के नाम पर कुछ नहीं है। मनोरंजन के लिए सार्वजनिक स्थानों के स्थान पर निजी स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है। महिलाओं ने भी पार्को को बड़ा मुद्दा बताया है।

यहां लंबे अर्से से रीको क्षेत्र की स्थापना की मांग गूंज रही है। इस कारण बेरोजगारों को नौकरी के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। उद्यमियों ने रीको की स्थापना की मांग की है।

विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था काफी लचर है। महिलाओं को कई बार प्रसव के लिए ही सीकर रैफर कर दिया जाता है। स्टाफ के साथ संसाधनोंं का टोटा बड़ी समस्या है।

क्षेत्र के लोगों को मीठे पानी का अभी तक इंतजार है। इलाके में पेयजल लाइन बिछ चुकी है, लेकिन घरों तक मीठा पानी नहीं पहुंचा है। लोगों का कहना है कि पिछले दस वर्षो से जनप्रतिनिधि इसी मुद्दे को भुना रहे है।

आवारा पशुओं का आतंक है। यातायात भी बड़ी समस्या है। किसानों के लिए नई मंडी और युवाओं के लिए प्रशिक्षण केन्द्र की काफी आवश्यकता है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर बिजली तंत्र भी बड़ी चुनौती है।

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