22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जनाना अस्पताल बनेगा बच्चों व गर्भवती महिलाओं का कोविड सेंटर, ऑक्सीजन के लिए लगेगा नया प्लांट

सीकर. कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमण की आशंकाओं के बीच सीकर में जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Sachin Mathur

May 24, 2021

जनाना अस्पताल बनेगा बच्चों व गर्भवती महिलाओं का कोविड सेंटर, ऑक्सीजन के लिए लगेगा नया प्लांट

जनाना अस्पताल बनेगा बच्चों व गर्भवती महिलाओं का कोविड सेंटर, ऑक्सीजन के लिए लगेगा नया प्लांट

सीकर. कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमण की आशंकाओं के बीच सीकर में जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। बाल रोग विशेषज्ञों के प्रशिक्षण के अलावा शहर मेंं बच्चों के लिए अलग से कोविड सेंटर बनाना तय हो गया है। जो सालासर रोड स्थित जनाना अस्पताल में विकसित होगा। इसे लेकर कलक्टर अविचल चतुर्वेदी ने सोमवार को जनाना अस्पताल का निरीक्षण किया। जहां उन्होंने पीएमओ डा. बीएल राड से अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की। कलक्टर अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चों के उपचार केे लिए जनाना अस्पताल में 100 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था होगी। जिसमें ऑक्सीजन सप्लाई के लिए अलग से प्लांट लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की सप्लाई यहां सिलेंडर की बजाय पाइप के जरिये सीधे बेड तक होगी। प्लांट की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंपी गई है।

गर्भवती महिलाओं का भी उपचार
कलक्टर चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल में बच्चों के अलावा कोरोना पीडि़त प्रसूताओं व गर्भवती महिलाओं के भी उपचार की व्यवस्था होगी। इसके लिए अस्पताल में अलग से आईसीयू बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिलेभर में बच्चों की दवा के अलग से किट भी तैयार किए जाएंगे। जो आंगनबाड़ी केंद्रों व अन्य एजेंसियों के जरिए घर घर पहुंचाए जाएंगे।

जिलेभर के चिकित्सकों से की चर्चा, संसाधन बढ़ाने पर बल
इससे पहले कलक्टर ने जिलेभर के बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी चर्चा की। सरकारी व निजी अस्पताल के चिकित्सकों से चर्चा के दौरान जिले में बच्चों के उपचार के लिए आवश्यक व उपलब्ध साधन- संसाधनों पर चर्चा की तथा आगामी लहर की आशंकाओं को देखते हुए उन्हें बढ़ाने पर बल दिया गया।

अब तक 1757 संक्रमित
गौरतलब है कि जिले में कोरोना की दूसरी लहर में ही अब तक 18 वर्ष से कम उम्र के 1757 बच्चे व किशोर वायरस की चपेट में आ चुके हैं। एक मार्च से लेकर अब तक के जारी आंकड़ों में यह बात सामने आई है। वहीं, पिछले एक महीने का यह आंकड़ा 817 रहा था। गनीमत से इनमें से 99 फीसदी लोग घर पर ही स्वस्थ हो गए। बहुत कम को ही गहन चिकित्सा की आवश्यकता हुई।