20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जीणमाता मेला: महाष्टमी पर विशेष पोशाक से सजी मां जीण, दरबार में भक्तों ने लगाई धोक

नवरात्री महोत्सव में बीच शनिवार को जीणधाम में महाष्टमी पर्व मनाया जा रहा है। महाष्टमी पर्व पर माता का विशेष श्रृंगार किया है।

less than 1 minute read
Google source verification
नवरात्री महोत्सव में बीच शनिवार को जीणधाम में महाष्टमी पर्व मनाया जा रहा है। महाष्टमी पर्व पर माता का विशेष श्रृंगार किया है।

जीणमाता मेला: महाष्टमी पर विशेष पोशाक से सजी मां जीण, दरबार में भक्तों ने टेका मत्था

जीणमाता.
नवरात्री महोत्सव में बीच शनिवार को जीणधाम में महाष्टमी पर्व मनाया जा रहा है। महाष्टमी पर्व पर माता का विशेष श्रृंगार किया है। माता का दिल्ली के फूलों एवं इत्र से श्रृंगार किया गया है।। महाष्टमी पर सुबह साढ़े आठ बजे महाआरती हुई। जिसके बाद फलों का प्रसाद माता को अर्पित कर भक्तों में वितरित किया गया। मुख्य मंदिर के श्यामसुन्दर पुजारी, ललित पुजारी, राधेश्याम पुजारी, कमल पुजारी व रिछपालसिंह चौहान आदि ने बताया कि अष्टमी के दिन प्रवासी भक्तों के साथ-साथ आस-पास के इलाकों से हजारों भक्त अष्टमी दर्शन के लिए माता के दरबार में पहुंच रहे है। उधर पास ही पहाड़ी पर स्थित काजल शिखर मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। काजल शिखर माता के विष्णुु पुजारी ने बताया कि भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर का जीर्णोद्धार करवाकर प्याऊ व विशेष मार्ग बनाये गए हैं। Jeenmata Mela में सभी प्रमुख धर्मशालाओं में आवास के लिए श्रद्धालुओं को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। धर्मशालाओं में कमरा देने के कोई स्पष्ट नियम नहीं होने से मनचाहा किराया देने के बावजूद श्रद्धालुओं को दुव्र्यवहार का सामना करना पड़ता है। इस बाबत प्रशासन भी लाचार नजर आता है। मेले में दूर-दूर से आने वाले भक्तों से धर्मशाला संचालक मोटी रकम ऐठ रहे हैं वहीं सामान्य भक्तों को धर्मशाला संचालकों की सिफारिश के बिना आवास मिलना असंभव बना हुआ है।