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राजस्थान के इस प्रमुख शक्ति पीठ में 15 सितंबर से होंगे मां के दर्शन

देश के प्रसिद्ध शक्ति पीठों में से एक जीणमाता शक्ति पीठ में 15 सितंबर से मां जीण के दर्शन हो सकेंगे। जीणमाता मंदिर इस दिन से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा।

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सीकर

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Sachin Mathur

Sep 11, 2020

राजस्थान के इस प्रमुख प्रमुख शक्ति पीठ में 15 सितंबर से होंगे मां के दर्शन

राजस्थान के इस प्रमुख प्रमुख शक्ति पीठ में 15 सितंबर से होंगे मां के दर्शन

सीकर/जीणमाता. देश के प्रसिद्ध शक्ति पीठों में से एक जीणमाता शक्ति पीठ में 15 सितंबर से मां जीण के दर्शन हो सकेंगे। जीणमाता मंदिर इस दिन से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि इस दौरान कोरोना गाइडलाइन की वजह से सीमित श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के साथ 100 फीट की दूरी से ही जीणमाता के दर्शनों का लाभ मिल सकेगा। मंदिर ट्रस्ट के राकेश पुजारी ने बताया कि प्रशासन की गाइड लाइन के अनुसार श्री जीणमाता मंदिर ट्रस्ट ने तैयारी पूरी कर ली है। मुख्य मंदिर को समय-समय पर सैनेजाइज करने की व्यवस्था की गई है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर हर श्रद्धालु की थर्मल स्केनिंग करके कोरोना के कोई लक्षण नहीं होने पर ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। श्रद्धालुओं में सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे इसके लिये प्रवेश द्वार से निकास द्वार तक उचित दूरी पर गोले बनाकर सभी को दूरी बनाकर एक-एक करके मंदिर दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा।


पूजन सामग्री की इजाजत नहीं, 100 फीट दूरी से होंगे दर्शन
जीणमाता मंदिर में कोराना गाइडलाइन की पूर्ण पालना की व्यवस्था की जा रही है। जीणमाता मंदिर कमेटी के अनुसार मंदिर में किसी भी भक्त को फूल माला, प्रसाद व अन्य प्रकार की पूजन सामग्री लेकर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके अलावा मंदिर परिसर में किसी भी तरह का तिलक व रक्षाबंधन भी नहीं किया जाएगा। मुख्य प्रतिमा से करीब 100 फीट दूरी से ही भक्तों को दर्शन करने दिया जाएगा। श्रद्धालु जिस स्थान से दर्शन करेंगे वहां एक शीशा लगाया जाएगा।

1 नवंबर को खुलेगा सालासर मंदिर
इधर, सालासर बालाजी मंदिर का अब भी 31 अक्टूबर बाद ही खोलने का फैसला है। इससे पहले मंदिर में किसी भी श्रद्धालु को दर्शनों की इजाजत नहीं है। बतादें कि कुछ दिन पहले ही कलेक्टर के साथ बैठक में मंदिर कमेटी ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 31 अक्टूबर बाद ही मंदिर खोलने का फैसला लिया था। वहीं, खाटूश्यामजी मंदिर के लिए 30 सितंबर तक व्यवस्थाओं के लिए मंदिर कमेटी ने समय मांग रखा है।