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राजस्थान का यह शक्ति पीठ कोरेाना की वजह से फिर 17 से होगा बंद

कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते 6 महीने बंद रहने के बाद खुला राजस्थान का प्रसिद्ध शक्ति पीठ जीणमाता धाम एक बार फिर कोरोना की वजह से दर्शनों के लिए बंद होगा।

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सीकर

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Sachin Mathur

Oct 09, 2020

राजस्थान का यह शक्ति पीठ कोरेाना की वजह से फिर 17 से होगा बंद

राजस्थान का यह शक्ति पीठ कोरेाना की वजह से फिर 17 से होगा बंद

सीकर/जीणमाता. कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते 6 महीने बंद रहने के बाद खुला राजस्थान का प्रसिद्ध शक्ति पीठ जीणमाता धाम एक बार फिर कोरोना की वजह से दर्शनों के लिए बंद होगा। इसी महीने की 17 तारीख से मंदिर के पट दर्शनार्थियों के लिए फिर बंद हो जाएंगे। सीकर जिला प्रशासन ने मंदिर कमेटी के साथ मिलकर ये फैसला लिया है। दरअसल 17 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू हो जाएंगे। ऐसे में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच श्रद्धालुओं की संख्या भी बढऩे की पूरी संभावना थी। ऐसे में कोरोना गाइडलाइन को लेकर जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जीणमाता मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की। जिसमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन व मंदिर कमेटी पदाधिकारियों ने नवरात्रि में मंदिर के पट बंद रखने का फैसला लिया है। बैठक में जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी, मंदिर ट्रस्ट के बंशीधर पुजारी, राकेश पुजारी सहित कई लोग मौजूद रहे।

25 अक्टूबर तक नहीं होंगे दर्शन
बैठक में लिए फैसले के अनुसार जीणमाता मंदिर में दर्शन अब 25 अक्टूबर तक नहीं होंगे। यानी पूरे नवरात्रि में जीणमाता मंदिर के पट बंद रहेंगे। इसके बाद मंदिर फिर से खोल दिया जाएगा। जहां सोशल डिस्टेंसिंग के साथ फिर दर्शनों की व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी।

छह महीने बाद हुए थे दर्शन
गौरतलब है कि इससे पहले भी कोरोना की वजह से जीणमाता मंदिर के पट छह महीने तक बंद रहे थे। लॉकडाउन के पहले चरण में 21 मार्च को बंद हुआ मंदिर अनलॉक की गाइडलाइन के अनुसार 15 सितंबर को खोला गया था। जहां कोरोना गाइडलाइन के अनुसार ही दर्शनों की व्यवस्था जारी थी। लेकिन, नवरात्रि में कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका से एक बार फिर इस प्रसिद्ध शक्ति पीठ में श्रद्धालुओं के प्रवेश को रोकने के साथ मेला नहीं भरवाने का फैसला लिया गया है।

खाटूश्यामजी व सालासर मंदिर 31 तक बंद
25 अक्टूबर के बाद जीणमाता मंदिर फिर से खुलने के साथ सालासर व खाटूश्यामजी मंदिर भी 31 अक्टूबर बाद श्रद्धालुओं के लिए खोले जा सकते हैं। क्योंकि प्रशासन व मंदिर कमेटी के फैसले के अनुसार दोनों मंदिरों को 31 अक्टूबर तक ही श्रद्धालुओं के लिए बंद रखने का फैसला हुआ था। हालांकि मंदिर खोलने को लेकर अभी प्रशासन व मंदिर कमेटी की फिर बैठक होने की संभावना है।