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पनप रहा झोलाछापों का कारोबार

स्वास्थ्य विभाग की अंधेरगर्दी के कारण जिले में झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबार फल फूल रहा है। एक ओर जहां विभाग के आला अधिकारियों का मानना है

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Kamal Singh Rajpoot

Dec 14, 2015

Sikar news

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सीकर। स्वास्थ्य विभाग की अंधेरगर्दी के कारण जिले में झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबार फल फूल रहा है। एक ओर जहां विभाग के आला अधिकारियों का मानना है कि उनके क्षेत्र में एक भी नीम हकीम, अवैध प्रेक्टिसनर व गैर डिग्रीधारी डॉक्टर प्रेक्टिस नहीं कर रहा है। वहीं दूसरी ओर पत्रिका के उन सारे झोलाछाप डॉक्टरों की रिकार्डेड सूची है, जिन्होंने खुले तौर पर अपनी दुकाने संबंधित क्षेत्र में जमा रखी है लेकिन, इनमें एक पर भी स्वास्थ्य विभाग शिकंजा कस पाने में नाकामयाब रहा है।

दो महीने के अभियान में भी मात्र तीन जगह कार्रवाई की गई लेकिन, वहां भी विभाग के हाथ खाली ही रहे। किसी एक के भी खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया जा सका। विभाग की लीपापोती में विभागीय निदेशक के आदेश भी हवा हो गए। जबकि 28 अक्टूबर को आकाशवाणी के जयपुर केंद्र से लाइव फोन-इन कार्यक्रम के जरिए जिले वासियों ने स्वयं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को यहां झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार बताते हुए इनके विरूद्ध कार्रवाई की मांग की जा चुकी है।जानकारी के अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने नवंबर में सीएमएचओ को पत्र लिख कर बाकायदा जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार बताते हुए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया था।

हालांकि सीएमएचओ ने भी आदेश की पालना में अपने अधीनस्थ ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को चिठ्ठी भिजवा कर कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए। लेकिन, बावजूद इसके किसी भी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपने क्षेत्र में एक भी झोलाछाप डॉक्टर को नहीं पकड़ पाया। जबकि हकीकत यह है कि जिले के हर कोने में झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जेबें ढीली करने में लगे हुए हैं। वहीं मरीजों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है।

पत्रिका के पास मौजूद रिकार्डेड सूची में दर्शाया गया है कि चौपाटी से लेकर दूर-दराज की ढाणी तक इन लोगों ने अपना जाल बिछा रखा है। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग के हाथ है कि इनके गिरे-बा तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। निदेशक ने सीएमएचओ से स्पष्टीकरण मांगा था कि यदि आपके क्षेत्र में कोई झोलाछाप डॉक्टर प्रेक्टिस नहीं कर रहा है तो इस बात का प्रमाण पत्र भिजवाया जाए। अन्यथा आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। कार्रवाई के अभाव में प्रमाण पत्र भी नहीं भिजवाए जा सके हैं।

होगी कार्रवाई
सीएमएचओ डॉक्टर एसएस अग्रवाल ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टरों के विरूद्ध कार्रवाई करने के आदेश ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कई बार दिए जा चुके हैं। लेकिन, अब यदि इनके द्वारा कार्रवाई नहीं गई तो संबंधित बीसीएमओ के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

बार-बार कार्यवाही के लिए लिखा
सीएमएचओ की ओर से संबंधित अधिकारियों को कई बार झोलाछाप डॉक्टरों के विरूद्ध कार्रवाई के लिए लिखा है। एेसा नहीं करने पर उनके खिलाफ भी सख्त एक्शन की बात लिखी गई।बावजूद इसके कहीं भी कार्रवाई नहीं हुई।

दो महीने में तीन कार्रवाई
विभाग की ओर से सितंबर व अक्टूबर में अभियान भी चलाया गया। लेकिन, राणोली, खाटूश्यामजी व खंडेला के अलावा कहीं कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि इन तीन जगहों पर भी केवल मौके से कागजात ही हाथ लगे झोलाछाप तो भाग गए। इनका रिकार्ड जब्त किया गया।

किस ब्लॉक में हैं कितने झोलाछाप
नीमकाथाना में रिकार्डेड 91 झोलाछाप डॉक्टर हैं। इनमें दलपतपुरा में 11, मावंडा खूर्द में 11, सिराही में 10, गणेश्वर में नौ, जिलो में आठ, रायपुर पाटन में तीन, दीपावास में छह, प्रीथमपुरी में तीन, टोडा में चार, भगेगा में पांच, सांवलपुरा तंवरान में चार, पाटन में 11 व चला में छह झोलाछाप डॉक्टर हैं।

खंडेला ब्लॉक में इनकी संख्या 15 है। जिनमें झाडली में सात, कोटड़ी में 10, जाजोद में 10, गोरिया में दो, चौकड़ी में 14, होद में चार, कांवट में छह, थोई में पांच व हाथिदेह में चार डॉक्टर एेसे हैं, जो कि, अवैध प्रेक्टीस कर रहे हैं। जबकि कूदन जैसे छोटे से ब्लॉक में इनकी संख्या 26 हैं। वहीं लक्ष्मणगढ़ व फतेहपुर ब्लॉक में वर्तमान में 22 व 26 के करीब झोलाछाप डॉक्टर चांदी कूटने में लगे हैं। इनके अलावा भी अन्य ब्लॉक हैं।

जोगेन्द्र सिंह गौड़