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छह दिन बाद अपह्रत बेटे को गले लगा छलके आंसू… मां बोली: बाबा श्याम ने संभाला

खाटूश्यामजी के यहां से आठ जून को हुआ था अपहरण, तकरीबन 700 कैमरों की फुटेज देख आरोपी तक पहुंची पुलिस, बच्चे को छोड़ आरोपी हुआ फरार
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khatu shyam ji kidnapping case

सीकर। खाटूश्यामजी में एकादशी मेले से अगुआ हुए तीन वर्षीय मासूम बालक रक्षम को आखिरकार उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से ढूंढ निकाला गया। जैसे ही बालक के मथुरा में होने की खबर मिली पुलिस और मां-बाप की जान में जान आ गई। मासूम के मिलते ही माता-पिता ने उसे सीने से लगा लिया, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

मां ललिता जाटव के मुंह से बस यही निकला: 'हारे के सहारे, बाबा श्याम ने संभाला। तकरीबन 700 कैमरों की जांच और रात-दिन की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने मथुरा के स्यारहा गांव से रक्षम को बरामद किया।

बच्चे को छोड़ भागा आरोपी

सीकर एसपी भुवन भूषण यादव ने बताया कि मथुरा जिले का स्यारहा निवासी आरोपी सतीश सिंह रक्षम को अपने साथ गांव ले गया था। जहां पुलिस के डर से बालक को गांव के प्रधान को सौंपकर फरार हो गया। बालक को मंगलवार रात को पुलिस ने बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया।

यह है मामला

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के भोपाल की ऐशबाग निवासी ललिता जाटव एकादशी पर 06 जून को अपनी मां के साथ खाटूश्यामजी दर्शनों के लिए आई थी। इसी बीच जयपुर से उनके साथ हुए सतीश से रास्ते में बातचीत के आधार पर मंदिर में दर्शनों के लिए जाते समय दोनों मां-बेटी रक्षम को उसे सौंप गई। दर्शन कर वापस लौटी तो उन्हें सतीश व रक्षम दोनों नहीं दिखे। बाद में खाटूश्यामजी थाने में रिपोर्ट लिखाने पर पुलिस ने विशेष टीम का गठन कर तलाश शुरू की।

राजस्थान पुलिस का आभार

मासूम की मां ललिता व पिता अजय दोनों नम आंखों से हाथ जोड़ते हुए वे लड़खड़ाते शब्दों में कहा, हम यहां की पुलिस के बहुत आभारी हैं। इनकी मेहनत बिना हमारा बच्चा हमें नहीं मिलता। पिता ने तो यहां तक कह दिया कि शायद और कहीं की पुलिस होती तो हमारा बच्चा हमें नहीं मिल पाता। इस पूरे माहौल के बीच अपनी मां की गोद में मोबाइल देख रहा रक्षम भी बीच-बीच में अपनी मां की तरफ मासूम भावों से देख रहा था।