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Khatushyamji Fair: खाटूश्यामजी में मेले से पहले मेला, जमकर जुट रही श्रद्धालुओं की भीड़

Khatushyamji fair. सीकर/खाटूश्यमाजी. होली से पहले बाबा श्याम के रंग में श्यानगरी पूरी तरह रंग चुकी है।

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सीकर

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Sachin Mathur

Mar 05, 2022

Khatushyamji: पाबंदियों की वजह से मेले से पहले मेला, भक्तों को छूट की आस

Khatushyamji: पाबंदियों की वजह से मेले से पहले मेला, भक्तों को छूट की आस

सीकर/खाटूश्यमाजी. होली से पहले बाबा श्याम के रंग में श्यानगरी पूरी तरह रंग चुकी है। कोरोना गाइडलाइन की वजह से कई तरह तरह की पाबदंी होने की वजह से श्रद्धालु पहले ही बाबा श्याम के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। इससे इस बार मेले से पहले ही मेला नजर आ रहा है। प्रशासन व मंदिर कमेटी की ओर से अधिकृत तौर पर 6 मार्च से शुरू होना है। लेकिन भक्तों में आस्था का उत्साह अपार है। इसलिए पिछले एक सप्ताह से श्याम नगरी में मेले जैसा महौल है। देशभर से श्रद्धालुओं के जत्थे पदयात्रा कर Khatushyamji पहुंच रहे है। ऐसे में मेले से पहले भक्तों का रैला लगा हुआ है। मंदिर में एक हफ्ते में दो लाख से भी अधिक निशान भक्तों द्वारा चढाए जा चुके है। इधर, आस्था की राह को सुगम करने के लिए नियमों में बदलाव की मांग भी उठने लगी है। फिलहाल 72 घंटे भीतर की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट और कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज के प्रमाण पत्र की अनिवार्यता है। इस मामले में स्थानीय विधायक वीरेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री से पाबंदिया हटाने की मांग भी की है। 15 मार्च तक भरने वाले मेले में पाबंदी धर्मशाला व होटलों पर भी लागू रहेगी। वहीं डीजे, भजन संध्या, भंडारे और फूल, माला व प्रसाद पर पूर्णतया पाबंदी रहेगी।


विधायक ने मुख्यमंत्री से की पाबंदिया हटाने की मांग, अब करेंगे मुलाकात
स्थानीय दांतारामगढ़ विधायक वीरेन्द्र सिंह ने गुरूवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है। जिसमें विधायक ने कहा कि मेले में देश विदेश के लाखों श्रद्धालु दर्शन को आते है। मुख्य मेला पिछली बार की तरह इस बार भी कोरोना की पाबंदियों के साथ भरने जा रहा है। जिससे रात्रि के समय होने वाले भजन कीर्तन प भंडारो पर पाबंदिया लगाई गई है। इस बार स्थिती ठीक है और अधिकांश लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज भी लगा ली है। इस कारण प्रदेश में अधिकतर पाबंदिया हटा दी है। ऐसे में मेले में ये पाबंदिया भी हटाई जाए। विधायक ने पत्रिका को बताया कि शुक्रवार शाम को मुख्यमंत्री से समय लेकर मेले पर लगी सभी बंदिशे हटाने की मांग करेंगे।

पाबंदियों से मेले में पनपेंगे फर्जी गिरोह

प्रशासन द्वारा मेले में आरटीपीसीआर व वैक्सीन के प्रमाण पत्र लाने की पाबंदियां लगाने के साथ ही फर्जी गिरोह पनपेंगे। गौरतलब है कि पिछले मेले में ऐसे कई फर्जी गिरोह पनप गए थे जो मोटे दाम लेकर आरटीपीसीआर की नगेटिव रिपोर्ट बनाकर भक्तों को लूट रहे थे। पत्रिका ने रींगस में स्टिंग ऑपरेशन कर रींगस में एक ई-मित्र संचालक का पर्दाफास किया था। ऐसे में इस बार भी कई गिरोह पनपने की पूरी संभावना है। हालांकि इतनी भीड़ में यह पाबंदी सफल होने के कम ही आसार नजर आ रहे है।

भक्त बोले, हटे पाबंदी, सुगम हो राह
कोलकाता के श्याम प्रेमी श्याम सुंदर लडिया का कहना है कि ज्यादातर के वैक्सीजन की दोनों दोज लग चुकी है। इन नियमों से भक्तों को धर्मशाला, होटल आदि में ठहरने में भारी परेशानी होगी। दूसरी ओर देश में यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा में चुनावी रैलियों में लाखों की भीड़ जुट रही है। गहलोत सरकार इन पाबंदियों को हटाएं ताकि भक्तों की राह सुगम हो सके।

भंडारों पर रोक, कैसे मिलेगी राहत
जेपी बंसल सिरसा(हरियाणा)ने कहा कि मेले में लाखों श्रद्धालु आते है। जिनके खाने-पीने की अधिकांश व्यवस्था भंडारों से ही होती है। भंडारे नहीं लगने से भक्तों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। खाटू में खाने-पीने के पर्याप्त रेस्टोरेंट नहीं जो लाखों की भूख मिटा सके।


बंदिशों से धर्मशाला व होटलों पर पड़ेगा प्रभाव

होटल सवामणी एंड रेस्टारेंट के निदेशक अंकित अग्रवाल ने बताया कि संपूर्ण खाटू में 500 से भी अधिक धर्मशाला और पांच दर्जन के करीब होटल व गेस्ट हाउस है। प्रशासन ने गत माह व्यवस्थापकों और संचालकों की बैठक लेकर मेले में ठहरने वाले प्रत्येक यात्री से 72 घंटे भीतर की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट और कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज का प्रमाण लेने का आदेश जारी किया है। ऐसे में व्यवस्थापकों व संचालकों का कहना है कि ऐसी पाबंदियों के बीच यात्रियों को कैसे ठहरा सकेंगे। बतादें कि नववर्ष पर लगाई गई पाबंदियों के कारण श्याम दर्शनार्थ आने वाले भक्तों जिनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग खासतौर पर महिलाओं को बरामदों या खाली जगह में रात गुजारने पर मजबूर होना पड़ा था।

तीन जगह होगी जांच, फिर होगा प्रवेश
प्रशासन द्वारा मेले में गत मेले की तरह तीन स्थानों पर जांच केन्द्र स्थापित करेगा। जिसमें मेला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में रींगस, मुख्य मेला प्रवेश द्वार व केरपुरा तिराहे पर चिकित्सा, कमेटी गार्ड व जांच करेंगे। जबकि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की रिपोर्ट देखकर उसे जांचना संभव नहीं है।

2020 के दस दिवसीय फाल्गुनी लक्खी मेले में 30 लाख से भी अधिक श्रद्धाल आए थे।

कोरोना काल में 2021 के दस दिवसीय फाल्गुनी मेले में 2 लाख के करीब श्रद्धालु आए थे।