
खाटूश्यामजी (सीकर).
राजस्थान के सीकर जिले के गांव खाटू में स्थित बाबा श्याम दुनियाभर में अपने भक्तों का खजाना भरते हैं। उन्हें सुख-समृद्धि और धन-दौलत देते हैं, मगर पूरे साल में एक मौका ऐसा भी आता है जब खुद श्याम भक्त ही बाबा श्याम का खजाना लूट ले जाते हैं। यह एक परम्परा है, जो सदियों पहले शुरू हुई थी। इसे वर्तमान में भी बड़ी शिद्दत से निभाया जा रहा है।
आलम यह है कि खाटूश्यामजी के फाल्गुन लक्खी मेले में आने वाले श्याम भक्तों में बाबा श्याम का खजाना लूटने की होड़ मच जाती है। खाटू मेला 2018 ( Khatushyamji Fair 2018 ) के अवसर जानिए खाटूधाम में बाबा श्याम का खजाना लूटने की परम्परा के बारे में।
पहले बाबा श्याम संग खेलते हैं होली
-बाबा श्याम के फाल्गुनी लक्खी मेले के समापन होने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्याम भक्त धुलण्डी पर रंग गुलाल के साथ होली खेलते हैं।
-फाल्गुन लक्खी मेले के बाद श्याम भक्तों को धूलण्डी का इंतजार रहता है। अनेक भक्त बाबा के दरबार में धूलण्डी खेलने के बाद विदा लेते हैं।
-खाटूश्यामजी में बाबा श्याम संग होली खेलने को लेकर श्याम भक्तों का उत्साह देखते बनता है।
-इसी वजह से देशभर से आए श्याम भक्तों में लाखों भक्त फाल्गुन मेला सम्पन्न होने के बाद भी यहीं रुक जाते हैं। इनमें अधिकांश प्रवासी भक्त होते हैं।
धूलण्डी को लूटाया जाता है बाबा श्याम का खजाना
-खाटूश्यामजी में धूलण्डी के अवसर पर बाबा श्याम का खजाना लुटाया जाता है।
-प्रवासी श्याम भक्त जाते समय बाबा के खजाने को साथ लेकर जाते हैं।
-धुलण्डी को सुबह से अपराह्न तक श्याम भक्त खाटूश्यामजी में होली खेलते हैं।
-इसके बाद शाम चार बजे बाबा श्याम की विशेष फूलडोल आरती होती है।
-फूलडोल आरती के समय प्रवासी श्रद्घालुओं को बाबा के चढ़ावे से सिक्के प्रसाद के रूप में दिया जाता है।
-इसी को बाबा श्याम का खजाना कहा जाता है, जिसे लेने (लूटने) के लिए भी भक्तों की भारी भीड़ लगती है।
-खाटूधाम में बाबा श्याम से मिले आशीर्वाद रूपी सिक्के को लोग अपने व्यापार में वृद्धि के लिए गल्लों व तिजोरियों में रखते हैं।
Khatushyamji Fair 2018 : झीने पर्दे में दर्शन देते हैं बाबा श्याम
ब्रज की होली की तरह शेखावाटी के खाटूधाम में श्याम बाबा के संग इत्र गुलाल से खेली गई होली भी प्रसिद्घ है। बाबा श्याम के दरबार में होली खेलने के लिए देश के अनेक स्थानों से भारी तादात में श्याम भक्त आते हैं। धूलण्डी के दिन सबसे पहले सुबह चार बजे मंगला आरती के समय श्रद्धालु अपने परिवार के साथ बाबा श्याम के गुलाल फैंककर होली खेलने की शुरूआत करते हैं। इस दौरान श्याम की प्रतिमा के आगे झीना सा पर्दा लगाया जाता है। बाबा के साथ सबसे पहले होली खेलने वाला स्वयं को भाग्यशाली समझता है।
Khatushyamji Fair 2018 : झीने पर्दे में दर्शन देते हैं बाबा श्याम
ब्रज की होली की तरह शेखावाटी के खाटूधाम में श्याम बाबा के संग इत्र गुलाल से खेली गई होली भी प्रसिद्घ है। बाबा श्याम के दरबार में होली खेलने के लिए देश के अनेक स्थानों से भारी तादात में श्याम भक्त आते हंै। धूलण्डी के दिन सबसे पहले सुबह चार बजे मंगला आरती के समय श्रद्धालु अपने परिवार के साथ बाबा श्याम के गुलाल फैंककर होली खेलने की शुरूआत करते हैं। इस दौरान श्याम की प्रतिमा के आगे झीना सा पर्दा लगाया जाता है। बाबा के साथ सबसे पहले होली खेलने वाला स्वयं को भाग्यशाली समझता है।
Published on:
27 Feb 2018 01:37 pm
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