
अल्पसंख्यक समाज की एक विवाहिता सहित दो कन्या के लापता होने के प्रकरण में पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए जिला पुलिस अधीक्षक के व्यवहार से आक्रोशित समाज शिष्टमंडल व कांग्रेसियों ने विरोध रैली निकाल जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम का ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेता डॉ. बी.डी. कल्ला, मकसूद अहमद के नेतृत्व में रैली राजीव गांधी मार्ग से रवाना हुई। रैली में टैक्सियों पर लाउडस्पीकर एवं हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिए लोग शामिल थे।
रैली के केईएम रोड होते हुए कचहरी परिसर का चक्कर लगा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने पहुंचने पर जिला पुलिस अधीक्षक व पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
यहां कांग्रेस नेता मकसूद अहमद ने कहा कि समाज की एक विवाहिता व दो कन्या लापता हैं, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं।
डॉ. कल्ला ने कहा कि अफसर शाही राज्य सरकार के इशारे पर निंदनीय व सौतला व्यवहार कर रही है।
कांग्रेस नेता गोपाल गहलोत, पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल एवं अब्दुल मजीद खोखर ने भी प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर अल्पसंख्यक जनप्रतिनिधियों ने मुस्लिम कब्रिस्तान पुलिस वर्कशॉप के पास मुस्लिम मुसाफिर खाना का निर्माण फिर से चालू कराने की मांग की।
ये हैं लापता
हुसना पुत्री अनवर अली पिछले दो साल से, रिजवाना पुत्री मकसूद अली 11 दिन और शाहीना पुत्री मंजूर अली तीन दिन से लापता है।
संबंधित पुलिस थानो में मामला दर्ज है फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
प्रदर्शन में यह हुए शामिल
पार्षद हारुन राठौड़, अरुण व्यास, जावेद पडि़हार, शब्बीर अली, फिरोज भाटी, बिशनाराम सियाग, यूडी खान, तारीक सुलेमानी, हाजी मदार बख्श, आजम कायमखानी, सेवादल के अब्दुल रहमान लोदरा, अकबर अली, शशिकला राठौड़, जियाउर रहमान, मोहम्मद जफर, पार्षद अख्तर कलीम, रमजान कच्छावा, सद्दाम हुसैन आदि।
Published on:
06 Feb 2016 04:55 pm
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