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सीकर. दिवाली पर घर शुभ खरीदारी के लिए लोगों का रुझान चांदी की तरफ भी बढ़ा है। फेस्टिव सीजन में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में हजारों की संख्या में चांदी के सिक्कों की बिक्री बढ़ सकती है। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि अगले सात दिनों में हजारों चांदी के सिक्के बिक सकते हैं। बाजार में पांच ग्राम से लेकर एक किलो तक के चांदी के सिक्कों की डिमांड है। सर्राफा व्यापारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में चांदी काफी लोकप्रिय है। लेकिन इस बार गांवों के साथ शहरों से भी मांग देखने को मिल रही है। ज्वैलर्स के पास आने वाले सात दिनों के लिए चांदी के सिक्के और चांदी के बर्तनों का पर्याप्त स्टॉक है। वहीं खरीफ फसलों की आवक शुरू होने से भी चांदी की मांग और बढ़ रही है।
२५ फीसदी नकली सिक्के बाजार में
फेस्टिव सीजन में चांदी के मिलावटी सिक्के भी भारी मात्रा में बाजार में आते हैं। इनमें केवल २० से ५० फीसदी ही चांदी होती है। उन्होंने कहा कि सिक्कों की खरीद में सावधान रहने की जरूरत है। एक अनुमान के मुताबिक २५ प्रतिशत नकली सिक्के बाजार में हैं। दरअसल नकली चांदी के सिक्कों में अन्य धातु के अलावा जर्मन सिल्वर की भी मिलावट की जाती है। यह भी चांदी के रंग का ही होता है। मिलावट आसानी से पकड़ में नहीं आती है।
ऐसे करें पहचान
बीआइएस हॉलमार्क या सर्राफा कमेटी के होलोग्राम वाले चांदी के सिक्के ही खरीदें। अगर चांदी के सिक्कों पर 9999 अंकित नहीं है, तो नकली या मिलावटी हो सकते हैं।सिक्कों के किनारों को देखें, असली सिक्कों के किनारे घिसे हुए और धारीदार होंगे, जबकि नकली सिक्कों के किनारे घिसे हुए नहीं होंगे।पुराने सिक्के का वजन घिस जाने की वजह से कम हो चुका होगा, जबकि नया सिक्का आम तौर पर निर्धारित वजन का ही होता है।पुराना सिक्का मटमैला रंग का होगा, उसमें चमक कम होगी, जबकि नया सिक्का चमकीला होगा।असली सिक्के को हाथ में उठाने पर वह भारी प्रतीत होता है।
Published on:
21 Oct 2019 06:28 pm
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