
Justice: एनएसयूआई जिलाध्यक्ष बाजिया के सात हत्यारों को आजीवन कारावास, मारपीट के बाद 18 महीने तक कोमा में रहा था मृतक
सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के बहुचर्चित एनएसयूआई जिलाध्यक्ष मनजीत बाजिया हत्याकांड में एडीजे कोर्ट संख्या दो ने सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चार साल पहले एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के विवाद में मनजीत के साथ बीबीपुर में आठ लोगों ने मारपीट की थी। जिसके बाद 18 महीने तक कोमा में रहने के बाद मनजीत की मौत हो गई थी। हत्या के एक आरोपी बीकानेर के पांचू निवासी शिवराज चौधरी की पहले ही बीमारी से मौत हो चुकी है। बाकी सात आरोपी दिनेश नागा, नितिन यादव, सुभाष गुर्जर, सुनील ढाका, दिनेश बुडानियां, अंकित उर्फ पिंटू तथा बंटी उर्फ बनवारी लाल के खिलाफ जारी मुकदमे में अपर न्यायाधीश बीएल चंदेल ने सातों को हत्या का दोषी करार देते हुए अर्थ दंड सहित ये सजा सुनाई है।
शादी से लौटते समय किया था हमला
13 मई 2018 को मृतक मनजीत के भाई कमलेश कुमार पुत्र दानाराम जाट निवासी फकीरपुरा ने मुकदमा दर्ज करवाते हुए बताया था कि उसका भाई मनजीत कुमार एसके कॉलेज में पढ़ता था। उसने सीकर में रेडीमेंट कपड़े की दुकान भी कर रखी है। 11 मई को मनजीत अपने दोस्त की शादी में बीबीपुरा में गया था। जहां एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर उसकी अनबन हो गई। मनजीत के साथ शादी में अरविंद झीगर, सुरेंद्र खीचड़ गोकुल, अकरम पठान भी गए थे। मनजीत ने रात को 11.30 बजे कमलेश को फोन कर बताया कि दिनेश नागा, ओमप्रकाश नागा, सुनील ढाका, बंटी , दिनेश बुडानिया, सुभाष गुर्जर, शिव उर्फ शिवराज चौधरी व अन्य 10-12 युवक उसका पीछा कर रहे हैं। इस फोन के बाद मनजीत देर रात तक घर नहीं आया। उसका मोबाइल भी बंद हो गया। अगले दिन मनजीत के घायल होने की सूचना पर वह सुबह एसके अस्पताल गया तो उसके सिर व शरीर पर काफी चोटें आई हुई थी। मनजीत बेहोश था और बोल नहीं पा रहा था। मनजीत को जयपुर उपचार के लिए रैफर कर दिया गया था। रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले में जांच शुरू की।
18 महीने तक कोमा में रहने के बाद मौत
मनजीत के सिर में गंभीर चोट लगी थी। जयपुर रेफर के बाद वह कोमा में चला गया। 18 महीने तक उसी हालत में रहने के बाद उसकी मौत हो गई थी। इस पर पुलिस ने घटना में लिप्त आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
41 लोगों ने दी गवाही
Manjeet Bajiya Murder Case में कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने 41 गवाह ,57 दस्तावेज और 7 आर्टिकल पेश किए। जिसके आधार पर कोर्ट ने 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
बंटी ने मनाली में खोली थी होटल, ढाई साल बाद गिरफ्तार
घटना पुलिस ने आरोपी दिनेश नागा, नितिन यादव, सुभाष गुर्जर, सुनील ढाका, दिनेश बुडानिया, शिवराज चौधरी, अंकित उर्फ पिंटू को जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया था। जबकि बंटी फरार हो गया था। इस पर एसपी ने उस पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इसी बीच टॉप टेन हिस्ट्रीशीटर में शामिल बंटी के दिसंबर 2020 में मनाली में होने की सूचना मिली। जहां सदर पुलिस के पहुंचने पर वह किराये पर होटल चलाता मिला। पुलिस उसे गिरफ्तार कर सीकर ले आई। पूछताछ में सामने आया था कि घटना के बाद बंटी ने नेपाल, आसाम, मेघालय, पंजाब व हिमाचल सहित कई राज्यों में फरारी काटी थी।
Published on:
01 Apr 2022 03:59 pm
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