18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोरखपुर की ऑक्सीजन के बाद राजस्थान में यहां पर खत्म हुई लिक्विड नाइट्रोजन, इन पर आया संकट

राजस्थान में लिक्विड नाइट्रोजन खत्म होने का असर पशुधन पर पड़ेगा। इससे इनका कृत्रिम गर्भाधान प्रभावित हो सकता है।

2 min read
Google source verification
sikar

राजस्थान में लिक्विड नाइट्रोजन खत्म होने का असर पशुधन पर पड़ेगा। इससे इनका कृत्रिम गर्भाधान प्रभावित हो सकता है।

सीकर. पशुओं की नस्ल सुधार के लिए हर वर्ष लाखों रुपए खर्च करने वाला पशुपालन विभाग कितना गंभीर है इसकी बानगी है कि पिछले कई दिन से सीकर, चूरू व झुंझुनूं में लिक्विड नाइट्रोजन की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके कारण ग्रामीण इलाकों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सीमन रखने के टेंक रीत चुके हैं और सीमन की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।


इससे पशुपालन विभाग की ओर से किए जाने वाला कृत्रिम गर्भाधान अभियान भी प्रभावित हो रहा है। जिला मुख्यालय पर बने तीन हजार किलोग्राम के साइलो टैंक में भी क्षमता के अनुसार लिक्विड नाइट्रोजन पर्याप्त स्टोरेज की व्यवस्था नहीं है। गौरतलब है कि कंसल इंडस्ट्रियल गैसेज जयपुर की ओर से हर माह ७५०० किलोग्राम लिक्विड नाइट्रोजन की आपूर्ति की जाती है। जिसे सीकर, चूरू व झुंझुनूं में स्थित केन्द्रों पर भेजा जाता है।

हर सप्ताह करनी होती है रिफिल


पशुपालन विभाग ने पशु चिकित्सा केन्द्र और फील्ड स्टाफ को कृत्रिम गर्भाधान के लिए स्ट्रॉ रखने के लिए कन्टेनरनुमा लिक्विड नाइट्रोजन के टैंक दे रखे हैं। सीमन स्ट्रॉ की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इन कन्टेनर की रिफिल हर सप्ताह करनी होती है। लिक्विड नाइट्रोजन की कमी होने के कारण सीमन स्ट्रॉ की गुणवत्ता प्रभावित हो जाती है। एेसे में राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड ने 2017-2019 के लिए नई फर्म के चयन होने की प्रक्रिया में देरी के कारण प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशक को कार्यालय में भंडारण करने के निर्देश दिए हैं।

यह है कारण


लिक्विड नाइट्रोजन की आपूर्ति माह के प्रथम और तीसरे सप्ताह में की जाती है। वर्ष2015-16 के लिए प्रदेश में आपूर्ति करने वाली कम्पनी का अनुबंध पिछले माह खत्म हो गया। नई एजेंसी का अनुबंध नहीं होने से लिक्विड नाइट्रोजन की आपूर्ति प्रभावित हो गई।


यह सही है कि दस अगस्त को लिक्विड नाइट्रोजन की आपूर्ति होनी थी, लेकिन अनुबंध खत्म होने से हुई देरी हुई है। स्ट्रॉ की गुणवत्ता प्रभावित होने पर संस्था या व्यक्ति की जिम्मेदारी है। फिलहाल आपूर्ति आ गई है शीघ्र ही सब जगह आपूर्ति करवा दी जाएगी।
डा. डीबी गर्ग, प्रभारी तरल नाइट्रोजन शाखा सीकर