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शराब की दुकानों की कल से लगेगी बोली, 1500 रुपए में कोई भी कर सकता है आवेदन

Liquor shops will be bidding: आबकारी बंदोबस्त वर्ष 2022-23 व 2023-24 के लिए नवीनीकरण से शेष बची जिले में 239 मदिरा दुकानों की ऑन लाइन नीलामी होगी।

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सीकर

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Sachin Mathur

Mar 21, 2022

शराब की दुकानों की कल से लगेगी बोली, 1500 रुपए में कोई भी कर सकता है आवेदन

शराब की दुकानों की कल से लगेगी बोली, 1500 रुपए में कोई भी कर सकता है आवेदन

Liquor shops will be bidding from tomorrow, anyone can apply for 1500 rupees सीकर. आबकारी बंदोबस्त वर्ष 2022-23 व 2023-24 के लिए नवीनीकरण से शेष बची जिले में 239 मदिरा दुकानों की ऑन लाइन नीलामी होगी। ई-नीलामी भारत सरकार के उपक्रम एम.एस.टी.सी. लिमिडेट पोर्टल की ओर से 22 से 25 मार्च तक लगातार चार चरणों में होगी । जिला आबकारी अधिकारी आदराम दैया ने बताया कि 22मार्च को 72 मदिरा दुकानों, 23 मार्च को 72 दुकानों, 24 मार्च को 71 दुकानों, एवं 25 मार्च को 24 दुकानों के लिए रोजाना सुबह :11 से शाम चार बजे तक ऑनलाईन बोली लगाई जाकर उच्चतम बोलीदाता को आवंटित किया जायेगा। नीलामी में भाग लेने के लिए इच्छुक बोलीदाता को एमएसटीसी के पोर्टल पर एकबारीय पंजीकरण शुल्क 1500 रुपए व मदिरा दुकान की दो प्रतिशत अमानत राशि जमा करवानी होगी। बोलीदाता आवेदन शुल्क व अमानत राशि नीलामी की पूर्व रात्रि के 11.59 तक जमा करवाई जा सकती है। अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचने लिए ये राशियां निर्धारित समय से पूर्व जमा करवा कराने की सलाह दी जाती है। उन्होंने बताया कि मदिरा दुकानों की दुकानवार नीलामी, उनकी रिजर्व प्राइस, अमानत राशि का वितरण आबकारी विभाग की वेबसाइट एवं एमएसटीसी लिमिटेड की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। आवेदक को एक जिले दो व राज्य में पांच से अधिक मदिरा दुकान आवंटित नहीं होगी।

राज्य में कहीं भी ले सकेगा भाग
एक आवेदक एक बार पंजीकरण होने पर इस वर्ष में इसी पंजीयन नंम्बर से राजस्थान राज्य में मदिरा दुकानों की नीलामी में भाग ले सकता है। इसके लिए उसे हर मदिरा दुकान की अमानत राशि अलग-अलग जमा करवानी होगी । किसी आवेदक को किसी दुकान विशेष पर बोली बढ़ानी है तो उसे मूल अमानत राशि से अधिक अमानत राशि अपने वालेट में रखनी होगी क्योंकि जैसे-जैसे आवेदक बोली बढ़ायेगा तो बोली के आनुपातिक अतिरिक्त दो प्रतिशत अमानत राशि उसके वालेट से कटेगी। उसके वालेट में बोली के अनुपात में दो प्रतिशत वांछित अमानत राशि नहीं हुई तो बोलीदाता बोली नहीं बढ़ा सकेगा। उच्चतम बोलीदाता की अमानत राशि धरोहर राशि में समायोजित कर दी जाएगी बाकी बोलीदाताओं की अमानत राशि रिफंड कर दी जाएगी।