
दिवाली पर आज वैधृति योग में आएगी मां लक्ष्मी, स्वागत में सजा शहर,दिवाली पर आज वैधृति योग में आएगी मां लक्ष्मी, स्वागत में सजा शहर
सीकर. झिलमिल रोशनी व जगमग दीपों के बीच दिवाली का पर्व सोमवार को जिलेभर में आस्था व उल्लास से मनाया जाएगा। आतिशबाजी की उमंग के बीच घर से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक में मां लक्ष्मी की पूजा- अर्चना होगी। मां के सत्कार में तैयार व तत्पर शहर पूरी रात जागेगा। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि दिवाली की अमावस्या की तिथि शाम 5:25 बजे शुरू होगी। प्रदोषकाल में अमावस्या के साथ अभीष्ट फलदायी हस्त व चित्रा नक्षत्र से बने वैधृति योग में इस बार लक्ष्मी पूजन अभीष्ट फलदाई होगा।
जगमग हुआ शहर, बाजार में लगा रैला
मां लक्ष्मी के आगमन से पहले शहर दुल्हन की तरह सज गया है। रविवार को भी घरों से लेकर बाजार व गलियों से लेकर चौक- चौराहे तक रंग बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे। दिवाली पर दीयों की रोशनी व आतिशबाजी की रोशन फुहारें इसमें और चार चांद लगा देगी। इससे पहले दिवाली की खरीदारी के लिए लोगों का हुजूम रविवार को भी बाजार में उमड़ा रहा। दिन उगने के साथ शुरू हुई खरीदारी देर रात तक जारी रही।
लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ समय
पंडित मिश्रा के अनुसार लक्ष्मी पूजन प्रदोषकाल में स्थित लग्न व नवांश में सर्वश्रेष्ठ होता है। रात 7:15 से 7:28 बजे तक प्रदोषकाल के साथ स्थिर वृष लग्न तथा कुंभ का स्थिर नवांश रहेगा। ऐसे में इस समय मां लक्ष्मी का पूजन करना सर्वश्रेष्ठ है।
काल व चौघडिय़ा
प्रदोषकाल:- सायंकाल 5:47 से 8:21 बजे तक।।
वृष लग्न: - रात्रि 7:3 से 9 बजे तक।
सिंह लग्न:- मध्यरात्रि बाद 1:33 से 3:49 बजे तक।
चर का चौघडिय़ा:- सायं 5:47 से रात्रि 7:23 बजे तक।
लाभ का चौघडिय़ा:- रात्रि 10:35 से रात्रि 12:11 बजे तक। शुभ व अमृत पूर्वाद्र्ध का चौघडिय़ा:- मध्यरात्रि बाद 1:47 से अंतरात 4:15 बजे तक।
कल सूर्य ग्रहण, सुबह 4.15 बजे बाद नहीं होगा लक्ष्मी पूजन
पंडित मिश्रा ने बताया कि दिवाली के अगले दिन मंगलवार को सूर्यग्रहण होगा। शेखावाटी में सूर्य ग्रहण की स्थिति शाम 4.22 मिनट से शाम 5.28 बजे तक रहेगा। जिसकी समाप्ति शाम 6.25 बजे होगी। ऐसे में सूतक सोमवार सुबह करीब 4.15 बजे ही शुरू हो जाएगा। ऐसे में लक्ष्मी पूजन संबंधित सारे कार्य इससे पहले ही पूरे करने होंगे।
बुधवार को होगी गोवर्धन पूजा
सूर्य ग्रहण की वजह से गोवर्धन पूजा इस बार मंगलवार को नहीं होगी। इसकी बजाय ये पर्व बुधवार को मनाया जाएगा। इसके अगले दिन भाई दूज का पर्व मनेगा।
Published on:
24 Oct 2022 10:13 am
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