
महाशिवरात्रि विशेष: रहस्य, देश का इकलौता शिवलिंग जहां गूलर के पेड़ से निकलने वाले पानी से होता है भोले का जलाभिषेक
सीकर. महाशिवरात्रि पर कहीं भी ऐसी परम्परा नहीं होगी। सीकर के इस धाम पर भोले का अभिषेक वहां स्थित ऐतिहासिक गूलर के पेड़ से निकलने वाले पानी से किया जाता है।
सीकर जिले से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित अरावली की वादियों से घिरे छोटे से गांव टोडा में बालेश्वर धाम पर स्थित गूलर का पेड़ कौतुहल का केन्द्र है।
पेड़ की जड़ों से होता है रिसाव!
टोडा गांव स्थित बालेश्वर धाम पर स्थित एक गुलर के पेड़ से पानी का रिसाव होता है। महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु इस पेड़ से निकलते पानी से स्नान करते हैं तथा इसी पानी से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। बताया जाता है कि बालेश्वर धाम पर रियासत काल से पूजा की जा रही है।
शिवलिंग की स्थापना भी रहस्य
इस मंदिर में स्थित शिवलिंग की स्थापना का समय किसी को ज्ञात नहीं है। बालेश्वर धाम पर महशिवरात्रि व सावन मास में देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। गुलर का पेड़ सैकड़ों वर्ष पुराना है। इसकी जड़ों से पानी निकलता है।
पानी कम नहीं होता
यह गुलर पेड़ भी अरावली की वादियों की तलहटी में स्थित है। हजारों श्रद्धालुओं द्वारा पानी भरने के बाद भी इसमें पानी कम नहीं होता है। वहीं इस की खास बात यह है कि महज पेड़ की जड़ों में पांच फीट पर ही पानी का रिसाव होता है।
दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु
सावन मास में यहां पहुंचने वाले सैकड़ों श्रद्धालु भगवान भोले को कावड़ चढ़ाते है। यहां पर श्रद्धालु दूर-दराज से कावड़ लाकर चढ़ाते है। वहीं इस धाम पर दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते है।
Published on:
21 Feb 2020 07:13 pm
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
