
भारत माता की जयघोष के साथ पंचतत्व में विलीन हुई शहीद महेश की पार्थिव देह
सीकर/रींगस/खाटूश्यामजी।
जम्मु कश्मीर के पुलवामा में आंतकियों का शिकार होने के 9 दिन बाद दुनियां को अलविदा कहने वाले शहीद महेश कुमार मीणा का अंतिम संस्कार आज पैतृक गांव लांपुआ में किया गया। शहीद के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों ने गांव के बीच एक चौक को शहीद चौक का दर्जा देते हुए वहीं शहीद का अंतिम संस्कार किया। शहीद को उनके 14 वर्षीय बेटे हर्षित ने मुखाग्नि दी। इससे पहले शहीद का शव रींगस पुलिस थाने से सुबह 10 बजे लांपुवा के लिए रवाना किया गया। जिसको पूरे रास्ते ग्रामीणों और विभिन्न संस्थाओं ने रंगोली बनाकर, तो कहीं फूलों की बरसात, वाहन रैली और सलामी के जरिए श्रद्धांजलि दी। पूरे रास्ते शहीद के सम्मान में सिर झुके रहे। आलम यह रहा कि करीब दस किलोमीटर के रास्ते में साढे तीन घंटे से ज्यादा का समय लगा। इसके बाद शहीद के घर अंतिम दर्शन के बाद अंतिम यात्रा शुरू हुई, जो शहीद और भारत माता के जयकारों के बीच अंत्येष्टि स्थल पहुंची। जहां गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई।
गांव में उमड़ा लोगों का हुजूम
शहीद की अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। रींगस थाने से लांपुआ के बीच जगह-जगह स्कूली बच्चों द्वारा रंगोली बनाकर व पुष्प वर्षा से शहीद को सलामी दी गई। इस दौरान महेश कुमार अमर रहे व भारत माता की जयघोष से गूंज उठा।
Updated on:
16 Jan 2019 09:26 pm
Published on:
16 Jan 2019 05:24 pm
