
सीकर हुंकार रैली विधायक हनुमान बेनीवाल का भाजपा-कांग्रेस पर तीखा प्रहार, कहा- एक पप्पू तो दूसरा गप्पु
सीकर.
खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल की चौथी किसान हुंकार महारैली आज सीकर के जिला खेल स्टेडियम में हुई। सभा में बेनीवाल ने कांग्रेस और भाजपा पर जमकर निशाना साधा, तो चुनाव पूर्व तीसरे मोर्चे के गठन के लिए सभी जाति और समुदाय के लोगों को भी एक साथ साधने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों एक थाली के चट्टे बटट्े हैं। जनता के सामने भले ही दोनों अलग होने का दावा करें, लेकिन इनके नेता साथ बैठकर डिनर करते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, तो कभी पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलेट मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ फाइव स्टार होटल में खाना खाते हैं। दोनों बारी बारी से सरकार बनाते हैं और भ्रष्टाचार फैलाकर जनता को लूटते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष
एक 'पप्पू' तो दूसरा 'गप्पू'
राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तंज से शिकार करतेे हुए बेनीवाल ने कहा कि एक 'पप्पु' है तो दूसरा 'गप्पु' है। इन दोनों ही नेताओं और इनके दलों की गुलामी से निजात पाने के लिए एक नई आजादी का बिगुल तीसरे मोर्चे के रूप में बजाना है। कहा कि 36 कौम के लोग अब उनके साथ है। जिससे पहले प्रदेश का मुख्यमंत्री और फिर देश का प्रधानमंत्री बदलते हुए किसान के बेटे को जयपुर और दिल्ली की 'गद्दी' पर बिठाना है। सभी को साथ लेकर चलने की बात के दौरान उनमें जाट समुदाय को ज्यादा तवज्जो देने का पुट भी दिखा। अपने पूरे संबोधन में उन्होंने जहां जाट आंदोलनों का जिक्र ज्यादा किया, तो गुर्जर आंदोलन पर बोलने के दौरान भी उन्होंने हरियाणा जाट आंदोलन का जिक्र करते हुए जाटों को ज्यादा लड़ाका और जुझारू कौम साबित करने की कोशिश की। हालांकि खुद को जाट समर्थक होने का खंडन करते हुए बेनीवाल ने कहा कि वे केवल जाटों के विकास की बात करते हैं। जो भी किसी को हजम ना हो, तो उनके पास उसका कोई उपाय नहीं है। हालांकि अपने संबोधन में बेनीवाल ने गुर्जर और दलित े आंदोलनों में खुद को उनका सहभागी बताते हुए आगे भी हर कौम को साथ लेकर चलने का दावा किया। तीसरे मोर्चे की बात पर किरोड़ी लाल मीणा पर भी बेनीवाल ने यहां हमला बोला।
जयपुर आंदोलन की कोई तिथि या कार्यक्रम साफ नहीं
विधायक हनुमान बेनीवाल ने कहा कि बाड़मेर में साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने का दंभ भरा था। लेकिन, बाद में मीणा 'मैडम के चक्कर' में आ गए और साथ छोड़कर चले गए। सभा की खास बात जयपुर कूच और तीसरे मोर्च की तस्वीर फिर से अधूरी छोडऩा भी रहा। नागौर, बाड़मरे और बीकानेर के बाद सीकर की अपनी अंतिम हुंकार रैली में भी बेनीवाल ने जेएमएम मोर्चे की घोषणा तो जयपूर कूच के दौरान करने की बात कही, लेकिन जयपुर आंदोलन की कोई तिथि या कार्यक्रम साफ नहीं किया। हुंकार रैली का राजनीतिक लाभ लेने से खुद का बचाव करते हुए खुद के आंदोलन को सत्ता परिवर्तन की बजाय व्यवस्था परिवर्तन का आंदोलन भी करार दिया। सभा को कई वक्ताओं ने संबोधित किया। जिसके बाद बेनीवाल चुनिंदा लोगों के साथ सरकार के नाम 20 सुत्रीय मांग का ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे।
Updated on:
10 Jun 2018 07:54 pm
Published on:
10 Jun 2018 06:19 pm
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