
Rain neemkathana
नीमकाथाना. आषाढ के बादल पूरे क्षेत्र में झूमकर बरसे। वहीं बुधवार को अल सुबह लगातार चार घंटे हुई बारिश ने छावनीक्षेत्र को जलमग्न कर दिया। आस-पास की सारी सूखी नदियों, बांधों व एनीकटों में पानी लबालब हो गया है। सीकर जिले के सबसे बड़े रायपुर बांध में 16 फीट गेज पर पानी आ गया। इस पर करीब डेढ़ फीट के ऊपर चादर चली । शहर में सबसे ज्यादा चर्चा भूदोली बांध की हो रही है कारण कि बांध में वर्षों बाद पानी आया है। बुधवार को सर्वाधिक 210 एमएम (करीब 8.26 इंच) बरसात भी नीमकाथाना में दर्ज की गई।
दस वर्ष बाद आई धोबीघाट नदी
नीमकाथाना से पांच किमी दूर स्थित धोबीघाट नदी में एक दशक बाद पानी आया। इससे चार घंटे तक गांव का शहर से संपर्क टूट गया। ग्रामवासी व स्कूलों में जाने वाले शिक्षक किनारे पर खड़ रहे। जब पानी का वेग कम हुआ तो लोग अपने गंन्तव्य तक पहुंचे।
बहने लगी काटली
खंडेला. क्षेत्र में तेज बरसात से कई वर्ष बाद ग्राम कोटड़ी लुहारवास से होकर गुजरने वाली काटली नदी में पानी आया। नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। सुबह करीब 6 से आठ बजे तक नदी उफान पर रही। जिससे वाहनों का आवागमन बंद रहा।
8 साल बाद चादर चली, बांध का गेट खोला
पाटन. जिले के सबसे बड़े बांध रायपुर बांध में 8 साल बाद चादर चली। बांध में पानी देखने के लिए लोगों का पूरे दिन जमावड़ा रहा। इलाके के घासीपुरा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की चारदीवारी गिर गई तथा कक्षा कक्षों में पानी भर गया। दादाला की ढाणी में राजू गुर्जर का मकान गिर गया।
पाटन कस्बे में भी सुरेश कुमार मिश्रा के मकान के दो कमरे गिर गए। पाटन आने वाले रास्ते में काचरेडा के पास पुल क्षतिग्रस्त हो गया। तेज बारिश के कारण हसामपुर से ब्राह्मणों की ढाणी को जोडऩे वाली लिंक रोड भी टूट गई। रेला गांव में स्थित रेला अपर बांध में पानी की आवक अधिक होने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने बांध का दौरा किया तथा अपर बांध का गेट खोल कर उसके पानी को रैला लोवर बांध में छोड़ा गया। इसके बाद लोग देखने पहुंचे।
लबालब हो रहे क्षेत्र के जलाश्य
पलसाना. रातभर हुई बरसात से बराल के फिरासवाला बांध में 15 फीट आनी आ गया। अजबपुरा व जुराठड़ा नदी भी बहने लग गई। इलाके के पृथ्वीपुरा, राजपुरा, जोशियों की ढाणी, तिवाड़ी की ढाणी, जुराठड़ा आदि जगहों पर बने एनीकटों पर चादर चली और सभी जोहड़ लबालब हो गए।
इधर खंडेला रोड रेलवे अंडरपास में करीब आठ फीट पानी भर गया। यहां रात दो ट्रक अंडरपास में फंस गए। खण्डेला के पापड़वाले एनीकट,जस्सीकाबास के एनीकट, डंडवाले एनीकट, जेतावाली जोहड़ी एनीकट, नीमकाथाना रोड पर स्थित एनीकट लबालब हो गए। जस्सीकाबास एनीकट पर चादर चली।
Published on:
26 Jul 2018 12:37 pm
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