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मौत बनकर टूट रहे तार : हर साल लाखों खर्च फिर नहीं टल रहा खतरा

मौत को बुला रहे हैं झूलते व टूटेे

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Sikar

Mout Bankar Tut rahe Tar campaign of sikar patrika

नीमकाथाना. विद्युत विभाग की ओर से शहर में बिजली की टूटी लाइनों व क्षतिग्रस्त पोलों की मरम्मत के नाम पर प्रति वर्ष लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन धरातल की ओर देखा जाए तो स्थिति विपरीत आ रही है। शहर के कई इलाकों में तार झूल रहे है तो कही जगह टूट रहे हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

वार्ड नंबर पांच में स्थित मुआल नगर में झूलते व टूटे तारों को कई दिन हो गए। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या के समाधान को लेकर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार अवगत भी करवा दिया, मगर इसके बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

लोगों का कहना था कि कॉलोनी में ऊपर से गुजर रही 33 हजार केवी के नीचे एलटी लाइन होने के कारण झूलते तार उनसे कभी भी टच हो जाते है। जिससे तीन बार तो ट्रांसफार्मर जल गया। कॉलोनी में दिनभर लोगों की चहल पहल रहती है। बिजली संबंधी शिकायतों का निवारण नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


टहनियों से गुजर रहे हैं तार


विभाग के अधिकारी अपनी और से पेड़ों की छंगाई कर बिजली का रखरखा का कार्य पूर्ण करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, मगर शहर में स्थिति आज भी वही है जो पहले थी। छावनी रोड पर जगह-जगह बिजली के तार पेड़ों के अंदर से गुजर रहे है। जलदाय विभाग के सामने तो लगे ट्रांसफार्मर व तारों के चारों तरफ बेल लूमट रही है। इससे गली में स्थित मकानों में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


फैल रहा है तारों का जाल


कॉलोनियों व गलियों में जगह-जगह बिजली के पोलों पर तारों का जाल फेला हुआ है। बरसात के दौरान तारों में टच होने से चिनंगारियां उठती रहती है। इससे लोगों को हर समय डर सताता रहता है।