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बारानी बढ़ाएगी सरसों का रकबा

जिले में इस बार पिछले सीजन की तुलना में रबी का ५६ हजार हेक्टेयर बुवाई क्षेत्र बढ़ जाएगा। पिछले वर्ष सीकर में रबी की बुवाई २ लाख दो हजार १४५ हेक्टेयर में हुई थी। इस बार यह आंकड़ा २,५६,२१४ हेक्टेयर हो जाएगा। गौरतलब है कि कृषि निदेशालय ने सीकर के लिए लक्ष्य जारी कर दिए हैं

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Flowers blooming in stone: Mustard growing in 15 acres stone land

Flowers blooming in stone: Mustard growing in 15 acres stone land

सीकर. जिले में इस बार पिछले सीजन की तुलना में रबी का ५६ हजार हेक्टेयर बुवाई क्षेत्र बढ़ जाएगा। पिछले वर्ष सीकर में रबी की बुवाई २ लाख दो हजार १४५ हेक्टेयर में हुई थी। इस बार यह आंकड़ा २,५६,२१४ हेक्टेयर हो जाएगा। गौरतलब है कि कृषि निदेशालय ने सीकर के लिए लक्ष्य जारी कर दिए हैं। इस बार बारानी क्षेत्र में सरसों बुवाई दोगुना क्षेत्र में होगी। अगेती बुवाई के लिए कई किसानों ने खेतों की जुताई शुरू कर दी है। मौसम में ठंडक घुलने का इंतजार कर रहे किसानों ने गेहूं बीज की जुगत करनी शुरू कर दी है। कृषि निदेशालय के अनुसार इस बार सीकर जिले में गेहूं की ९५ हजार, जौ की ३० हजार, चना और सरसों की क्रमश: पचास-पचास हजार, तारामीरा की तीन हजार व चारा व सब्जियों की करीब ३० हजार हेक्टेयर में बुवाई के लिए लक्ष्य हैं।

अनुदानित दर पर मिलेगा बीज

रबी सीजन की बुवाई के लिए अनुदानित दरों पर गेहूं व जो का बीज मिलेगा। राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने दर जारी कर दी है। कृषि उपनिदेशक एसआर कटारिया ने बताया कि गेहूं की दस वर्ष से पुरानी अधिसूचित किस्म पर एक हजार रुपए और दस वर्ष तक की अवधि की अधिसूचित किस्म पर १८०० रु/क्विं का अनुदान मिलेगा। जौ की दस वर्ष से कम अवधि की अधिसूचित किस्म पर १७५० रुपए और दस वर्ष से अधिक की अवधि की अधिसूचित किस्म पर १५०० रुपए प्रति क्विंटल का अनुदान दिया जाएगा। इस बार नमी वाले बारानी खेतों में चना व सरसों की बुवाई करने के संकेत मिल रहे हैं।

समर्थन मूल्य पर खरीद के आवेदन आज से


सीकर. न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीयन मंगलवार से शुरू होंगे। खरीद के लिए राजफैड ने प्रदेश में 319 केन्द्र और सीकर में सात केन्द्र खोलने का निर्णय किया है। निर्णय के अनुसार मूंग, उड़द एवं सोयाबीन एक नवम्बर से तथा मूंगफली सात नवम्बर से खरीदेगी। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण ई-मित्र एवं खरीद केन्द्रों पर सुबह नौ से शाम सात बजे तक होंगे।
प्रदेश में मूंग की तीन लाख और मूंगफली की 3.07 लाख मीट्रिक टन खरीद की जाएगी। पंजीकरण के लिए भामाशाह कार्ड नम्बर, खसरा गिरदावरी एवं बैंक पासबुक जरूरी है। भामाशाह कार्ड न हो तो ई-मित्र पर तत्काल भामाशाह के लिए एनरोलमेंट करने की व्यवस्था है। इसके साथ ही एनरोलमेंट नम्बर से भी ऑनलाइन पंजीकरण कराया जा सकता है।