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सीकर में अवैध हथियारों के जखीरे का सुराग अभी तक नही जुटा पाई पुलिस, दफन हो गया राज

जबकि कार्बाइन सहित नौ अवैध हथियारों के साथ मौके पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

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सीकर में अवैध हथियारों के जखीरे का सुराग अभी तक नही जुटा पाई पुलिस, दफन हो गया राज

सीकर. 18 मार्च को पुलिस के हाथ लगने वाले अवैध हथियारों के जखीरे का सुराग पुलिस सवा दो महीने बाद भी नहीं जुटा पाई है। जबकि कार्बाइन सहित नौ अवैध हथियारों के साथ मौके पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन्होंंने अपना मुंह नहीं खोला तो इसके बाद गैंगस्टर व उनके गुर्गों को पूछताछ के लिए लाया गया। इसके बाद फिर एक की गिरफ्तारी हुई। लेकिन, लाख प्रयासों के बावजूद पुलिस इनसे कुछ भी नहीं उगलवा पाई। आखिरकार नतमस्तक होकर पुलिस ने पकड़ में आए संदिग्धों को जेल भिजवा दिया और अवैध हथियारों को माल खाने में जमा करवा दिया है।

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यह था मामला
गैंगवार की आशंका पर पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ चंद्रभान व नरेश नाम के आरोपी को हथियारो के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया था। मौके पर और इसके बाद इनके घर से पुलिस ने एक कार्बाइन, एक रिवाल्वर सहित सात आधुनिक पिस्टल बरामद की थी। इसके अलावा चार सौ से अधिक जिंदा कारतूस हासिल कर अपनी पीठ थपथपाई थी। रिमांड के बाद भी दोनों आरोपियों से पुख्ता जानकारी नहीं मिलने पर गैंगस्टर सुभाष बराल को जेल से गिरफ्तार कर थाने में बैठाए रखा। लेकिन, इससे से भी कुछ हासिल नहीं हुआ तो घटना के एक महीने बाद एक और आरोपी मनोज को पकड़ा। लेकिन, यह भी पूछताछ के बाद जेल चला गया और पुलिस के हाथ खाली रह गए।

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रटा-रटाया जवाब
अवैध हथियार किससे और किसके लिए खरीदे गए। इस मामले में पुलिस अभी तक कोई खुलासा नहीं कर पाई है। जांच अधिकारी से लेकर पुलिस के आला अफसरों ने भी मामले पर चुप्पी साध रखी है।