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शेखावाटी की शान कहलाने वाली हवेलियां हो रही जर्जर , विभाग कर रहे ऐसी लापरवाही

इसके बावजूद वहां कोई विशेष कार्य नहीं करवाए जा रहे।

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shekhawati havelis

सीकर. शेखावाटी की हवेलियों का संरक्षण नहीं होने से वे जर्जर हो रही हैं। पर्यटकों को अपनी तरफ खींचने वाली जाली झरोखों वाली हवेलियों की नियमित सार संभाल नहीं होने से वे अपनी आभा खो रही हैं। ना हवेलियों के मालिक इनकी तरफ ध्यान दे रहे हैं ना ही सरकार इसके लिए कोई ठोस प्रयास कर रही है। सीकर में तो फिर भी कुछ कार्य हुए लेकिन पड़ौसी जिले झुंझुनूं में तो हालात और भी खराब हैं। खुद राज्य सरकार ने मान लिया कि पर्यटन विभाग में झुंझुनूं जिले की हवेलियों को संरक्षित करने के संबंध में वर्तमान में कोई कार्य योजना ही विचाराधीन नहीं है। पर्यटन विभाग की ओर से शेखावाटी में हवेलियों के संरक्षण एवं आधारभूत सुविधाओं के योजनाबद्ध विकास कार्य अन्तर्गत रामगढ़ शेखावाटी सीकर में 301.45 लाख रुपए के ही कार्य करवाए गए हैं।

जबकि रामगढ़ के निकट फतेहपुर व लक्ष्मणगढ़ सहित आस-पास के क्षेत्र में भी एतिहासिक हवेलियां हैं। इसके अलावा झुंझुनूं जिले के मंडावा, मलसीसर, अलसीसर, नवलगढ़ सहित कई कस्बों की हवेलियां अपने आप में अनूठी हैं, लेकिन वहां कोई कार्य नहीं करवाए जा रहे। मंडावा तो बॉलीवुड में भी छाया रहता है। वहां हर साल किसी फिल्म, धारावाहिक व एड की शूटिंग होती रहती है। इसके बावजूद वहां कोई विशेष कार्य नहीं करवाए जा रहे।

मेले में भी नहीं आ रहे विदेशी
पर्यटन विभाग की ओर से आबूसर में जरूर हर वर्ष सर्दियों में शेखावाटी हस्तशिल्प मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों व ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जाता है, लेकिन यह मेला भी विदेशी पर्यटकों को ज्यादा संख्या में अपनी तरफ आकर्षित नहीं कर रहा रामगढ़ शेखावाटी में हेरिटेज कलस्टर क्षेत्र का विकास करवाया गया है। अनंतराम पोद्दार की हवेली का सौंदर्यकरण करवाया गया है। हेरिटेज लाइट लगवाई गई है। पर्यटक सुविधाओं का विस्तार करवाया गया है। इसके अलावा पर्यटन की दृष्टि से महत्पूर्ण हवेलियों के बेचान पर पाबंदी लगाई हुई है।
आनंद भारद्वाज, सहायक पर्यटन अधिकारी, सीकर