
दांतारामगढ़. प्रदेश में दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र की चर्चा चलते ही दिग्गजों के चेहरे सामने आने लगते है। दमदार जनप्रतिनिधित्व होने के बाद भी क्षेत्र हर बार विकास को तरसता है। विकास के दावे महज घोषणाओं तक सीमित है। डार्क जोन में आ चुके क्षेत्र के लिए बीसलपुर से लेकर कुभांराम परियोजना का पानी आना चार वर्ष से महज चुनावी घोषणा बन कर रह गया है। उपखंड स्तर पर सरकारी कॉलेज तो बनना दूर यहां स्कूलों के क्रमोन्नति पर भी विशेष ध्यान नहीं दिया गया है।
विकास के नाम पर महज गौरव पथ ही बनाए गए है। दांतारामगढ़ शुरू से ही विकास से अछूता रहा है। यहां से पूर्व उपराष्ट्रपति से लेकर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व उपप्रधानमंत्री के पोते ने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। फिर भी सरकारी महाविद्यालय नहीं है। सरकारी स्कूलों को क्रमोन्नति भी अटकी हुई है। आईटीआई, न कोई बड़ा उद्योग व व्यापार है। रेल लाइन व हाईवे की बात करे तो विधानसभा के अंतिम छोर पर रानोली पलसाना को जरूर जोड़ते है। यहीं वजह रही की दांतारामगढ़ हमेशा से सबसे पिछड़ा हुआ विधानसभा क्षेत्र रहा है।
टूटी सडक़ों से बेहाल आमजन
दांतारामगढ़ में मुख्य सडक़ो की हालत बेहद दयनीय है। खूड़ से सुरेरा, रेनवाल, खाटूश्यामजी, जीणमाता सभी सडक़े पूरी तरह से टूटी हुई है। उपखण्ड मुख्यालय सहित दांता कस्बे में सडक़ का नामोनिशान तक नहीं रहा।आमजन टूटी सडक़ो से बेहद परेशान है। गांवों में गौरव पथ ने जरूर गांवों का गौरव बढ़ाया है। चार साल के बाद कुछ मिसिंग सडक़े बन रही हैं।
अस्पताल में चिकित्सक नहीं
उपखंड मुख्यालय रेफरल चिकित्सालय से अछूता है। राजकीय चिकित्सालय को करीब दो साल पहले आदर्श चिकित्सालय बनाया गया और आदर्श बनते ही एक चिकित्सक का तबादला कर दिया। चिकित्सालय एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है। कई बार धरने प्रदर्शन के बावजूद चिकित्सक का खाली पद भी नहीं भर पाए है।
कॉलेज स्कूल नहीं हुई क्रमोन्नत
क्षेत्र में सरकारी कॉलेज नहीं, सरकारी कॉलेज का वादा सरकार पूरा नहीं कर पाई। बालिका शिक्षा को लेकर अग्रणी सरकार उपखण्ड मुख्यालय की बालिका विद्यालय को भी क्रमोन्नत नहीं कर पाई है। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने उपखण्ड मुख्यालय पर बालिकाओं की सीनियर सैकण्डरी स्कूल की घोषणा आज तक पूरी नहीं हुई। कई बार घोषणा के बाद भी बेटियों के स्कूल के क्रमोन्नति का जनता को इंतजार है।
-दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में चार वर्ष कोई काम नहीं हुआ। स्कूलों में अध्यापक नहीं है, अस्पताल में डॉक्टर नहीं। सडक़ो के हालात सबको दिखाई दे रहे है। इन चार सालो में दांतारामगढ़ में पेयजल का संकट गहरा गया है। कुंभाराम लिप्ट परियोजना भी सपना बनता जा रहा है। दांतारामगढ़ के तहसील भवन का बजट मिला था विरोध व विवाद के कारण भवन नहीं बन पाया।
नारायणसिंह, विधायक दांतारामगढ़
-चार वर्ष में दांतारामगढ़ क्षेत्र में कई काम हुए है। 32 गांवो में गौरव पथ बनाए गए है। करोड़ो की पेयजल योजना व मिसिंग सडक़े बनी है तथा और स्वीकृत हुई है। कुंभाराम लिप्ट परियोजना का सर्वे करवाया जा रहा है। दांतारामगढ़ में तहसील भवन व पुलिस थाने का भवन सरकार की देन है। कृष्णा सर्किट योजना में खाटूश्यामजी की कायपलट की जा रही है।
हरीश कुमावत,भाजपा प्रत्याशी, अध्यक्ष माटी कला बोर्ड
Published on:
16 Dec 2017 02:57 pm
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