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स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों की चिंता नहीं, सारा ध्यान महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों पर !

राज्य के हर मॉडल स्कूल में एक करोड़ 5 लाख की लागत से तैयार प्री प्राइमरी विद्यालय भवनसत्र शुरू होने के बाद भी प्री प्राइमरी कक्षाओं में प्रवेश नहीं

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सीकर

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Mukesh Kumawat

Apr 24, 2022

स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों की चिंता नहीं, सारा ध्यान महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों पर !

स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों की चिंता नहीं, सारा ध्यान महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों पर !

सीकर. राज्य के 134 स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में पूर्व प्राथमिक व प्राथमिक कक्षाओं के लिए करोड़ों के भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन विभाग की ओर से इनमे पूर्व प्राथमिक एवं प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश के दिशा निर्देश जारी नही किए जाने से एक अप्रैल से शुरू हो चुके सत्र में इन कक्षाओं में प्रवेश नही हो पाया है। हर मॉडल स्कूल में लगभग एक करोड़ 5 लाख रुपए से भी अधिक की लागत से प्री प्राइमरी तथा प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने के लिए भवन तथा इंफ्रास्ट्रक्चर बन चुके है। इन सभी 134 स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों पर लगभग 150 करोड़ रुपए प्री प्राइमरी तथा प्राइमरी कक्षाओं के संचालन के लिए खर्च हो चुके है, लेकिन शिक्षण सत्र शुरू होने के बाद भी इन मॉडल स्कूलों में प्री प्राइमरी तथा प्राइमरी कक्षाएं अभी तक शुरू नहीं की गई है। मॉडल स्कूल के एक प्रधानाचार्य ने बताया कि मॉडल स्कूल में प्रवेश आदि के दिशा निर्देश समग्र शिक्षा अभियान जयपुर द्वारा जारी किए जाते हैं, लेकिन एनसीईआरटी के सत्र शुरू होने के 12 दिनों बाद भी प्री प्राइमरी तथा प्राइमरी कक्षाओं में प्रवेश के बारे में कोई गाइड लाइन नही होने से इन कक्षाओं में प्रवेश शुरू नहीं किए गए है। इन मॉडल स्कूलों में बने ये प्री प्राइमरी तथा प्राइमरी के भवन न केवल स्कूलों को सुपुर्द किए जा चुके है बल्कि पहले से चल रही कक्षा 6 से 12वीं तक की कक्षाएं एनसीईआरटी सत्र के अनुसार शुरू हो चुकी है।

सरकार का ध्यान महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों पर

जानकारों का कहना है कि सरकार का ध्यान अभी महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूलों को शुरू करने पर केंद्रित है। ऐसे में सरकार और विभाग स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में तैयार 150 करोड़ की लागत से तैयार किए गए प्री प्राइमरी तथा प्राइमरी कक्षाओं को शुरू करने की तरफ नही गया है जबकि इन स्कूलों में भी अंग्रेजी माध्यम से शिक्षण एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से कराया जाता है।

राज्य के 27 जिलों में कुल 134 स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में कक्षा 6 से 12 वीं तक वर्तमान में करीब 60 हजार विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे है।

राज्य के छह जिलों में मॉडल स्कूल नही हैभरतपुर, चूरू, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, कोटा तथा सीकर जिलों में एक भी स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल नही है।

राज्य में जिन 27 जिलों में स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल संचालित हो रहे हैं। अजमेर जिले में 4 ,अलवर जिले में 10, बांसवाड़ा में 6, बारां में 6,बाड़मेर जिले में 5, भीलवाडा जिले में 11, बीकानेर जिले में 1,

बूंदी जिले में 4,चित्तौड़गढ़ में 10, दौसा में 4,धौलपुर में 1, डूंगरपुर में 5,जयपुर में 2, जैसलमेर जिले में 3, जालौर में 2, झालावाड़ में 4, जोधपुर में 9,करौली में 4,नागौर जिले में 9, पाली में 6,प्रतापगढ़ में 1,राजसमंद में 7,सवाई माधोपर जिले में 5, श्रीगंगानगर में 2,सिरोही में 2, टोंक में 5 तथा उदयपुर जिले में 6 मॉडल स्कूल शामिल है।

मॉडल स्कूलों में 1 अप्रेल से नया सत्र शुरू

सरकार अंग्रेजी माध्यम को बढ़ावा देने के लिए लगातार महात्मा गाँधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की संख्या बढ़ा रही है।लेकिन कई वर्ष पूर्व शुरू की गई स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल योजना भी अंग्रेजी माध्यम है।लेकिन उसको बढ़ावा देने की बजाय सरकार नई योजना पर ज्यादा जोर दे रही है। जबकि उसमें पूर्व प्राथमिक व प्राथमिक कक्षाओं के लिए भवन भी तैयार है।