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घोटाले को लेकर लोटस डेयरी को नोटिस, होगी कार्रवाई

सीकर/पलसाना. पलसाना कृषि उपज मंडी के अधीन मंढ़ा स्थित लोटस डेयरी की ओर से घी को कृषि उत्पाद बताकर मंडी शुल्क में नियम विरुद्ध छूट लेने के मामले में कार्रवाई होगी।

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घोटाले को लेकर लोटस डेयरी को नोटिस, होगी कार्रवाई


सीकर/पलसाना. पलसाना कृषि उपज मंडी के अधीन मंढ़ा स्थित लोटस डेयरी की ओर से घी को कृषि उत्पाद बताकर मंडी शुल्क में नियम विरुद्ध छूट लेने के मामले में कार्रवाई होगी। पत्रिका में खबर छपने के बाद डेयरी प्रशासन हरकत में आया है और डेयरी को फिर से नोटिस थमाया है। 15 दिन में बकाया रुपए जमा नहीं करवाने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
गौरतलब है कि मंढा स्थित लोटस डेयरी प्लांट के संचालक घी को कृषि उत्पाद बताकर मंडी शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट ले रहे थे। मंडी संचालन मंडल के मामला सामने आने के बाद मंडी बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लेकर डेयरी की ओर से नियम विरुद्ध ली गई छूट के बकाया रुपए जमा करवाने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद डेयरी भी ओर से ना तो बकाया शुल्क की राशि मंडी में जमा करवाई गई और न ही मंडी की ओर से डेयरी के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। नोटिस का निर्धारित समय निकलने के काफी समय बाद राजस्थान पत्रिका ने मामले की पड़ताल की तो मंडी अधिकारी भी उच्च अधिकारियों से मामले में मार्गदर्शन लेने की बात कहकर टालते गए। इस मामले में राजस्थान पत्रिका में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसके बाद मंडी सचिव ने लोटस डेयरी को नोटिस जारी कर 15 दिन में छूट की बकाया राशि मंडी में जमा करवाने की
बात कही।

पौने दो करोड़ तक पहुंचा बकाया
डेयरी की ओर से घी को कृषि उत्पाद बताकर मंडी शुल्क में नियम विरुद्ध तरीके से पचास प्रतिशत की छूट ली जा रही थी। मामला सामने आया तब तक डेयरी करीब सवा करोड़ से ज्यादा की राशि का शुल्क चोरी कर चुकी थी। मामला सामने आने के बाद भी छूट बदस्तूर जारी है। ऐसे में अब ये राशि बढकऱ करीब पौने दो करोड़ रुपए हो चुकी है।

उपभोक्ताओं से वसूल रहे पूरा शुल्क
लोटस डेयरी भले ही घी को कृषि उत्पाद बताकर नियम विरुद्ध मंडी शुल्क में आधी छूट ले रही हो, लेकिन वो खुद उपभोक्ताओं से मंडी शुल्क की पूरी राशि वसूल रही है। ऐसे में डेयरी से राशि मंडी में ना जमा करवाकर उपभोक्ताओं से वसूल कर खुद डकार रही है।