
अब पॉलीथीन मुक्त होगा शहर
सीकर. शहर को पॉलीथीन मुक्त बनाने के लिए नगर परिषद ने कवायद शुरू कर दी है। प्लास्टिक कैरीबैग मुक्ति के लिए होने वाली विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान आमजन सहित दुकानदार व व्यापारियों के साथ समझाइस की जाएगी। नुक्कड नाटकों के जरिए पॉलीथीन के दुष्प्रभाव बताए जाएंगे। नगर परिषद ने अभियान के लिए अधिकारी व कर्मचारियों को जिम्मेदारी भी सौंप दी है। यह अभियान 16 अगस्त से 30 अगस्त तक चलेगा। जिसकी रोजाना मॉनिटरिंग होगी। अभियान के दौरान स्वयं सहायता समूहों के जरिए प्लास्टिक कैरी बैग के विकल्प के रूप मे कपड़े व कागज के थैले बनवाकर बेचा भी जाएगा।
ऑडियो व वीडियो क्लिप कराएंगे तैयारनगर परिषद की ओर से पॉलीथीन के दुष्प्रभाव को ऑडियो व वीडियो क्लिप के जरिए कवायद के तहत शहर में लगे ऑटोटीपर पर ऑडियो क्लिप के जरिए पॉलीथीन मुक्ति का संदेश दिया जाएगा। शहर में जगह-जगह होर्डिंग्स, बैनर लगेंगे। लोगों को पंपलेट बांटे जाएंगे।
पहले होगी समझाइस फिर कार्रवाई
पॉलीथीन के दुष्प्रभावों को लेकर बाजार, सब्जी मंडी व फल मार्केट में पहले समझाइस की जाएगी। इसके बाद पॉलीथीन जब्ती की कार्रवाई होगी। 40 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग पर रोक के बावजूद सीकर शहर में रोजाना कैरीबेग मंगवाए जा रहे हैं लेकिन परिषद की ओर से की गई कार्रवाई ऊंट के मुंह में जीरा के समान ही रही है।
अभियान के दौरान स्वयं सहायता समूहों के जरिए प्लास्टिक कैरी बैग के विकल्प के रूप मे कपड़े व कागज के थैले बनवाकर बेचा भी जाएगा।
सबकुछ भागीदारी जरूरीपॉलीथिन कभी नष्ट नहीं होती है, इससे प्रदूषण तो फैलता ही है, दूसरे रूपों में भी बहुत खतरनाक होती है। पॉलीथिन खाने से दुधारू पशुओं की मौत हो जाती है और पॉलीथिन के जमने से नालियां जाम हो जाती है। नालियों का दूषित पानी सड़क पर बहता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 40 माइक्रोन से कम की पॉलीथिन के उपयोग को खतरनाक बनाया है।
- श्रवण कुमार विश्नोई, आयुक्त नगर परिषद
Published on:
13 Aug 2018 10:05 pm
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