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पीसीसी चीफ डोटासरा की पंचायत समिति का सदस्य निलंबित, उठे गंभीर सवाल

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ के पंचायत समिति चुनाव में पंचायत समिति सदस्य के तीसरी संतान के मामले में पंचायती राज विभाग ने बड़ा फैसला लिया है।

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सीकर

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Sachin Mathur

Jan 05, 2021

पीसीसी चीफ डोटासरा की पंचायत समिति का सदस्य निलंबित, उठे गंभीर सवाल

पीसीसी चीफ डोटासरा की पंचायत समिति का सदस्य निलंबित, उठे गंभीर सवाल

सीकर/लक्ष्मणगढ़. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा (PCC Chief Govind Singh Dotasara) के क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ के पंचायत समिति चुनाव (Panchayat Election 2020) में पंचायत समिति सदस्य के तीसरी संतान के मामले में पंचायती राज विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी की रिपोर्ट के आधार पर वार्ड नंबर 18 के पंचायत समिति सदस्य विजेंद्र कुमार को अयोग्य घोषित कर दिया है। जो भाजपा प्रत्याशी था। जिला प्रशासन ने पंचायत समिति सदस्य की पत्नी को मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होने के लिए तीन मौके दिए, लेकिन तीनों बार उपस्थित नहीं होने पर जिला कलेक्टर ने शिकायत को सही मानते हुए रिपोर्ट पंचायती राज विभाग को भेजी थी। इसके बाद विभाग ने निलंबित पंचायत समिति सदस्य को अयोग्य घोषित कर दिया है। ऐसे में अब लक्ष्मणगढ़ पंचायत समिति इलाके में एक सदस्य की सीट रिक्त हो गई है। इधर, अयोग्य पंचायत समिति सदस्य व भाजपा ने इसे सरकारी दबाव की कार्रवाई बताया है। गौरतलब है कि निलंबित सदस्य ने विभाग को ई-मेल कर एक महीने का समय भी मांगा था, लेकिन विभाग ने इस समय को ही पर्याप्त मानते हुए दावे को खारिज कर दिया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है यह विषय चिकित्सा से संबंधित था। इसलिए विभाग ने सीकर जिला कलेक्टर को आदेश जारी कर मेडिकल बोर्ड का गठन करने के निर्देश दिए थे। जिला कलेक्टर ने भी चिकित्सकों की टीम गठित कर बोर्ड बना दिया, लेकिन समिति सदस्य की पत्नी एक बार भी बोर्ड के सामने उपस्थित नहीं हुई। जबकि पंचायत समिति व उपखंड प्रशासन की ओर से लगातार उन्हें नोटिस भेजकर वीडियोग्राफी भी कराई गई। उनके घर की दीवार पर भी नोटिस चस्पा किया गया। ऐसे में मेडिकल बोर्ड के सामने उनके उपस्थित नहीं होने से शिकायत की पुष्टि हो रही है।


यह है मामला

दोनों दलों को बराबर वोट तो लॉटरी से हुआ फैसला
25 सदस्यीय पंचायत समिति में भाजपा को 13, कांग्रेस को 11 व निर्दलीय को एक सीट पर जीत दर्ज हुई थी। प्रधान के चुनाव में भाजपा के एक सदस्य की योग्यता को तीन संतान के आरोप के आधार पर चुनौती दे दी गई। निर्वाचन विभाग ने मतदान करवाकर देर रात मतगणना करवाई। जिसमें उस मत को शामिल नहीं करने पर भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवार को 12-12 मत मिले। मत बराबर होने पर लॉटरी निकाली गई। जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार को विजेता घोषित किया गया।


सदस्य पूछ रहा विभाग से बताओ तीसरी संतान बेटा या बेटी

पंचायत समिति सदस्य की ओर से विभाग से मांगी गई जानकारी पर भी कई सवाल खड़े हुए है। विभाग जहां तीसरी संतान की जांच के मामले में पत्नी का मेडिकल करना चाह रहा था, वही आयोग के पंचायत समिति सदस्य ने विभाग से पूछा है कि यदि मेरी तीसरी संतान है तो आप बताओ कि बेटा है या बेटी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ऐसे में से प्रमाणित हो जाता है कि उनके तीसरी संतान है।

प्रधानी के चुनाव से पहले हुई थी तीसरी संतान
पंचायत समिति के वार्ड 18 के निर्वाचित सदस्य के तीसरी संतान होने की शिकायत प्रधान के चुनाव से पहले हुई थी। पंचायतीराज विभाग की अतिरिक्त आयुक्त व संयुक्त सचिव तृतीय ने मेडिकल बोर्ड का गठन कर तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए थे। इसके आधार पर नौ दिसंबर को विजेन्द्र कुमार को पंचायत समिति सदस्य से निलंबित कर दिया गया।