श्री अजीतनाथ एवं श्री चन्द्रप्रभु जिनालय में सामूहिक चैत्यवंदन के बाद उन्हें अजितनाथ उपाश्रय लाया गया। यहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक गुरुवंदना की। आचार्य ने मांगलिक श्रवण कराया। उपाश्रय में आचार्य ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भक्ति के मार्ग पर चलते हुए सदमार्ग अपनाएं। जीवन में प्रभु भक्ति बिना जीवन दुश्वार है। गौरतलब है कि जिनालय का प्रतिष्ठा एवं पंचाह्निका महोत्सव 25 फरवरी से शुरू होगा।