
VIDEO: नीमकाथाना के सरकारी अस्पताल में डेढ़ माह से डॉक्टर नहीं, निजी सेंटरों में सोनोग्राफी कराने को मरीज मजबूर
नीमकाथाना. राजकीय कपिल जिला अस्पताल में डेढ़ माह से गर्भवती महिलाओं के लिए जांच की पर्याप्त सुविधाएं नहीं है। इससे मरीज और परिजन परेशान हो रहे हैं। साथ ही उनकी जेब पर भी असर पड़ रहा है। 31 दिसंबर 2022 को डॉ. महिपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर चले गए थे। इसके बाद से सोनोग्राफी को लेकर अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ गई। एक माह में करीब एक हजार के पार अस्पताल में सोनोग्राफी होती है, जिसमें 200 के पार गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। हालांकि व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए अस्पताल में दो डॉक्टर लगाए गए हैं, लेकिन सोनोलोजिस्ट की डिग्री के बिना उनका रजिस्ट्रेशन नहीं होना अस्पताल प्रशासन के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो रही है। अस्पताल में प्रतिदिन 300 से ज्यादा गर्भवती महिलाओं व अन्य मरीजों को सोनोग्राफी कराने की सलाह दी जाती है। सोनोग्राफी करवाने के लिए गर्भवती महिलाओं व मरीजों को निजी सोनोग्राफी सेंटरों पर घंटों इंतजार करना पड़ता है।
ले रहे है मुंह मांगी कीमत
डॉक्टरों की सलाह के बाद गर्भवती महिलाएं व मरीज निजी संचालकों के यहां सोनोग्राफी करवाने पहुंचते हैं, लेकिन वहां भी उन्हें लाइन लगाना पड़ता है। साथ ही मुंह मांगी कीमत वसूली जाती है। आपातकाल से लेकर सामान्य दिनों में करीब 300 महिलाएं ओपीडी में दिखाने आती हैं। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें हर बार सोनोग्राफी करानी होती है। समान्य एक सोनोग्राफी के लिए 500 से 700 रुपए फीस ली जाती है।
तीन नई मशीन आई, एक को रींगस भेजा
अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सरकार ने यहां तीन नई सोनोग्राफी मशीन भेजी है। डॉक्टर नहीं होने से एक मशीन को कुछ दिनों पहले रींगस अस्पताल में भेज दिया गया। दो मशीनों में एक को सोनोग्राफी कक्ष में शिफ्ट कर रखा है तथा दूसरी डायलिसिस यूनिट में रखी है। अस्पताल में जांच करवाने आई गर्भवती महिलाओं ने बताया कि एक तरफ तो सरकार स्वास्थ्य विभाग को लेकर सजग है वहीं दूसरी ओर अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने से सोनोग्राफी नहीं हो पा रही है।
अस्पताल में सक्रिय हैं दलाल
जिला अस्पताल में कई दलाल भी सक्रिय हो रहे है, जो गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी करवाने के साथ-साथ बाहर से अन्य जांच करवाने के लिए निजी लैबों पर ले जाते हैं। वह निजी सेंटरों पर बेहतर जांच कराने की बात कहकर मरीजों को बुला ले जाते हैं। यहां दलालों का कमिशन बंधा हुआ है।
वर्ष 2022 के आंकड़ों पर एक नजर
माह कुल जांच गर्भवती
जनवरी 1042 327
फरवरी 1139 310
मार्च 518 125
अप्रेल 849 253
मई 1192 360
जून 304 1108
जुलाई 076 275
अगस्त 038 213
सितंबर 148 635
अक्टूबर 078 320
नवंबर 123 412
दिसंबर 007 045
छह माह का क्रॉस कर आए दो डॉक्टरों ने अस्पताल में ज्वाइन तो कर लिया है, लेकिन अभी तक उनकी दूसरी ओर एग्जाम नहीं हुई है। सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही वह सोनोग्राफी कर पाएंगे। इस कारण समस्या आ रही है।
डॉ योगेश शर्मा, पीएमओ
राजकीय कपिल जिला अस्पताल, नीमकाथाना
Updated on:
09 Feb 2023 11:18 am
Published on:
09 Feb 2023 11:14 am
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