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शिक्षानगरी के लोग बोले, मास्टर प्लान नहीं आने से थम रहा शहर का विकास

शिक्षानगरी के अटके मास्टर प्लान को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।

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सीकर

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Ajay Sharma

Apr 15, 2025

सीकर.

शिक्षानगरी के अटके मास्टर प्लान को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। मास्टर प्लान में देरी की वजह से शहर में अवैध निर्माण को भी बढ़ावा मिल रहा है। इस मुद्दे को लेकर राजस्थान पत्रिका की पहल पर परशुराम पार्क में सोमवार को स्पीक आऊट कार्यक्रम हुआ। इसमें व्यापारियों के साथ आमजन ने अपनी परेशानी साझा की। शहरवासियों ने बताया कि शहर में जाम काफी बड़ी समस्या बन गया है। लेकिन जिम्मेदारों के पास आमजन को राहत देने का कोई प्लान नहीं है। गर्मी के सीजन में बढ़ती पेयजल समस्या को लेकर भी शहरवासियों ने आक्रोश जताया। शहरवासियों ने बताया कि शहर में तेजी से आबादी विस्तार हो रहा है। लेकिन शहर की बाहरी कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट, सड़क व नाली सहित अन्य मुलभूत सुविधाएं भी नहीं है।

कब मिलेगी जाम से राहत

सीकर व्यापार संघ के संस्थापक राधेश्याम पारीक ने बताया कि कलक्ट्रेट से लेकर बजरंग कांटा तक और स्टेशन रोड पर दिनभर के जाम के हालात बने रहते है। यातायात पुलिस की ओर से वनवे, पार्किंग जोन आदि में ढि़लाई में बरतने की वजह से जाम की समस्या बढ़ रही है।

शहर विकास के लिए मास्टर प्लान जरूरी

स्पीक आऊट में राजेन्द्र खंडेलवाल व कैलाश स्वामी ने कहा कि किसी भी शहर के नियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान जरूरी है। शिक्षानगरी का पिछले एक साल से मास्टर प्लान अटका हुआ है। इस वजह से कई कॉलोनियों के नियमन का सपना टूट रहा है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में लगातार देरी से सिस्टम पर भी सवाल खड़े हो रहे है।

एज्युकेशन जोन में चाहिए नया पार्क

वहीं नाथूराम ओला, जसवीर भूकर, काशीप्रशाद माउका, सुरेन्द्र त्रिहन, भीवाराम मील व राजवीर सिंह शेखावत ने बताया कि सीकर की मुख्य पहचान एज्युकेशन के दम पर है। सीकर की अर्थव्यवस्था में शिक्षण संस्थाओं का अहम रोल है। ऐसे में जिला प्रशासन, नगर परिषद व यूआइटी को एज्युकेशन जोन इलाके में नया पार्क विकसित करने की योजना बनानी चाहिए जिससे युवाओं को राहत मिल सके।